मोहनलालगंज के कनकहा मैदान में गुरुवार को महाराजा सुहेलदेव पासी का विजय दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में सर्वसमाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर राष्ट्र रक्षा और सनातन संस्कृति के संरक्षण में महाराजा सुहेलदेव के योगदान को याद किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय संगठन मंत्री मिलिंद पांडेय ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव पासी भारत भूमि के महान रक्षक और सनातन संस्कृति के गौरव हैं। उन्होंने अपनी वीरता, नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक कौशल के बल पर विदेशी आक्रांता सालार मसूद गाजी की सेना को पराजित कर देश को बड़े संकट से बचाया था।
मिलिंद पांडेय ने कहा कि महाराजा सुहेलदेव का जीवन देश और धर्म की रक्षा के लिए समर्पण, साहस और एकता का संदेश देता है। उन्होंने युवाओं से उनके शौर्य और पराक्रम से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विभिन्न वर्गों के लोगों की भागीदारी देखने को मिली। वक्ताओं ने महाराजा सुहेलदेव पासी के जीवन, संघर्ष और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
समारोह के अंत में आयोजन समिति की ओर से मुख्य अतिथि सहित अन्य गणमान्य लोगों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक एडवोकेट सुशील रावत, पंडित शैलेन्द्र मृदुल, विहिप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री गजेंद्र, प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप, महाराजा लाखन पासी सामाजिक उत्थान समिति के अध्यक्ष दिलीप रावत, अंकुर अवस्थी, कुलदीप रावत, अजय द्विवेदी, अजीत कुमार फौजी, योगेंद्र प्रताप रावत, शिव कुमार रावत, नरेंद्र रावत, विपिन रावत प्रधान, मंशाराम रावत प्रधान, रामशंकर रावत और रामचंद्र रावत सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
