नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में किसानों की जमीन अधिग्रहण मुआवजा दरों में वृद्धि की संभावना है। पिछले पांच-सात सालों से यहां मुआवजे की दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था, और इसे बढ़ाने की लगातार मांग की जा रही थी।
प्राधिकरणों की बैठक और प्रस्ताव
मुआवजा दरों को लेकर तीनों प्राधिकरणों के अधिकारियों की दो बैठकें हो चुकी हैं। बैठकों में नई प्रस्तावित दरों पर मंथन किया गया और रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। नई दरों पर अंतिम फैसला राज्य शासन करेगा।
नई दरें लागू होने के बाद
शासन की मंजूरी मिलने के बाद तीनों प्राधिकरणों की बैठक में नई दरों को प्रभावी किया जाएगा। अधिकारियों ने सहमति के आधार पर दरें तय की हैं ताकि तीनों प्राधिकरणों के बीच ज्यादा अंतर न रहे।
बाज़ार दरों और प्राधिकरण दरों का अंतर
नोएडा में पिछले पांच साल और ग्रेटर नोएडा में सात साल से दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई थी। इस समय प्राधिकरण दरें और बाज़ार दरों में अंतर होने के कारण किसानों से ज़मीन अधिग्रहण में परेशानी हो रही थी।
भविष्य में रियल एस्टेट पर असर
मास्टर प्लान के अनुसार, नोएडा का कुल क्षेत्र 21,000 हेक्टेयर है, जिसमें से 13,000 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण हो चुका है, 5,000 हेक्टेयर डूब क्षेत्र और 2,200 हेक्टेयर आबादी क्षेत्र में आता है। यदि नई मुआवजा दरें लागू होती हैं, तो फ्लैट और जमीन की कीमतों में वृद्धि होने की संभावना है, जिससे रीसेल प्रॉपर्टी की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।
