उत्तर प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों के उपचुनाव पर बहुजन समाज पार्टी एक्टिव है. रविवार को बैठक के बाद बसपा चीफ ने ब्राह्मण और पासी कार्ड खेल दिया है. बसपा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने बताया कि जिनको प्रभारी बनाया जाता है वही उम्मीदवार भी बनते हैं. अगर सब कुछ ठीक रहा तो यही लोग चुनाव भी लड़ेंगे.
विश्वनाथ पाल ने कहा कि बसपा का नारा है जिसकी जिनती संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी. अभी प्रत्याशी नहीं बल्कि प्रभारी घोषित किया जा रहा है. फूलपुर से शिवबरन पासी और मंझवा सीट से दीपक कुमार तिवारी उर्फ दीपू प्रभारी बनाए गए हैं. ये दो प्रभारी घोषित किए गए हैं. बाकियों की सूचना जल्द ही मिल जाएगी. अगर कोई विषम परिस्थिति नहीं आती है तो प्रभारी को ही बहन मायावती काम करने का मौका देती है और वह प्रत्याशी होते हैं.
इससे पहले रविवार को बसपा की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को ऐलान किया कि निकट भविष्य में राज्य की 10 रिक्त विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों में उनकी पार्टी अपने उम्मीदवार उतारेगी और पूरे दमखम से चुनाव लड़ेगी.
मायावती ने लखनऊ में प्रदेश कार्यालय में पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों की एक समीक्षा बैठक में उपचुनाव लड़ने की घोषणा की. अमूमन उपचुनावों से दूर रहने वाली बसपा ने इस उपचुनाव को पूरे दमखम से लड़ने का फैसला किया है.
बसपा ने जारी किया ये बयान
बसपा मुख्यालय से जारी एक बयान के मुताबिक, मायावती ने कहा, “लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश में रिक्त हुई 10 विधानसभा सीटों पर प्रस्तावित उपचुनावों के लिए अभी चुनाव की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इसे लेकर सरगर्मी लगातार बढ़ रही है.”
मायावती ने कहा कि खासकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी सरकार द्वारा इसे (उपचुनाव को) प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लेने के कारण इन उपचुनावों में लोगों की रुचि काफी बढ़ी है, लिहाज़ा बसपा ने भी इन उपचुनावों में सभी (10) सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने और पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ने का फैसला किया है.
