भारत के प्रधानमंत्री इजराइल के दो दिवसीय राजकीय दौरे पर 25 फरवरी को रवाना हो गए। यह उनका इजराइल का दूसरा दौरा है और करीब नौ वर्षों बाद हो रही इस यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आमंत्रण पर हो रहे इस दौरे से पहले पीएम मोदी ने कहा कि वह अपने “प्रिय मित्र” नेतन्याहू के साथ बातचीत का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात का उद्देश्य द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करना तथा रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इजराइल के बीच बहुआयामी और मजबूत स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप है, जिसमें हाल के वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह दौरा रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, नवाचार और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तार देगा।
दौरे के दौरान पीएम मोदी इजराइल के राष्ट्रपति आइज़ैक हर्ज़ोग से भी मुलाकात करेंगे। साथ ही उन्हें इजराइल की संसद नेसेट को संबोधित करने का अवसर मिलेगा। वह नेसेट में भाषण देने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अवसर दोनों देशों के मजबूत लोकतांत्रिक संबंधों को सम्मान देने जैसा है। उन्होंने यह भी बताया कि वह इजराइल में बसे भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे।
इस यात्रा से पहले भारत और इजराइल ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई है और खुफिया जानकारी साझा करने समेत सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया है। पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई देगी और रणनीतिक साझेदारी के लिए नए लक्ष्य तय करेगी।
