नासिक। महाराष्ट्र के नासिक से सामने आए कथित धर्मांतरण और कार्यस्थल उत्पीड़न मामले में पीड़ित कर्मचारी का विस्तृत बयान सामने आया है, जिसमें उसने सहकर्मियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। यह घटनाएं वर्ष 2022 से लेकर मार्च 2026 तक लगातार होने का दावा किया गया है।
टीम लीडर और सहकर्मियों पर आरोप
पीड़ित के अनुसार, उसने वर्ष 2022 में एक निजी कंपनी में नौकरी शुरू की थी। उसने आरोप लगाया कि टीम लीडर और कुछ सहकर्मी उस पर अतिरिक्त कार्य का दबाव डालते थे और विरोध करने पर उसे नजरअंदाज किया जाता था।
धार्मिक टिप्पणियों का आरोप
पीड़ित का कहना है कि उसके धार्मिक विश्वासों को लेकर बार-बार सवाल उठाए गए और कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। उसने आरोप लगाया कि उसके विश्वासों को बदलने के लिए उस पर मानसिक दबाव बनाया गया।
खान-पान को लेकर दबाव
पीड़ित ने यह भी दावा किया कि उसे कई मौकों पर उसकी इच्छा के विरुद्ध खान-पान से जुड़ी चीजों के लिए मजबूर किया गया और मना करने पर उसका मजाक उड़ाया गया।
धार्मिक गतिविधियों में शामिल करने का आरोप
सबसे गंभीर आरोपों में पीड़ित ने कहा कि उसे कथित तौर पर उसकी इच्छा के विरुद्ध धार्मिक गतिविधियों में शामिल कराया गया। उसने दावा किया कि इस दौरान उसकी फोटो लेकर सोशल मीडिया ग्रुप में साझा की गई, जिससे उसे मानसिक तनाव हुआ।
विरोध के बाद बढ़ा विवाद
पीड़ित के अनुसार, जब उसने इन गतिविधियों का विरोध किया तो उसके खिलाफ कार्यस्थल पर शिकायतें की गईं और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि एक घटना में उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और धमकी दी गई।
कार्यस्थल के माहौल पर सवाल
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि ऑफिस में महिला कर्मचारियों को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती थीं, जिससे कार्यस्थल का माहौल प्रभावित हो रहा था।
जांच जारी
फिलहाल, इस मामले की जांच पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
