मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) दोबारा परीक्षा आयोजित करेगा.
गुरुवार दोपहर एनटीए ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर कहा कि इन 1,563 छात्रों के लिए परीक्षा 23 जून को होगी.
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी परीक्षा से जुड़ी तीन याचिकाओं पर सुनवाई की. इन याचिकाओं में परीक्षा को रद्द करने की मांग की गई थी.
इनमें ये भी कहा गया था कि समय कम मिलने के एवज़ में 1,563 स्टूडेंट्स को मनमाने ढंग से ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं. इसके बाद एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने 1,563 छात्रों को दिए गए ग्रेस मार्क्स रद्द करने और उनकी दोबारा परीक्षा लेने का फै़सला किया है.
सुप्रीम कोर्ट अब 8 जुलाई को परीक्षा रद्द करने से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेगा.इधर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को “नीट-यूजी” के पेपर लीक के आरोपों को नकार दिया. उन्होंने कहा कि पेपर लीक होने के कोई सबूत नहीं हैं.
पत्रकारों के पेपर लीक के सवाल पर उन्होंने कहा, “नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक की घटना के कोई पुख्ता सबूत नहीं है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के सभी आरोप निराधार है.”
उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई कर रहा है और कोर्ट का जो भी निर्णय होगा हम लोग उसका पालन करेंगे.”
