Home धर्म संसार मार्च में आखिरी प्रदोष व्रत कब ? इस दिन पूजा से बढ़ेगा सुख-सौभाग्य

मार्च में आखिरी प्रदोष व्रत कब ? इस दिन पूजा से बढ़ेगा सुख-सौभाग्य

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मार्च में आखिरी प्रदोष व्रत कब ? इस दिन पूजा से बढ़ेगा सुख-सौभाग्य

हर महीने की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है. शास्त्रों के अनुसार इस दिन प्रदोष काल में भगवान भोलेनाथ शिवलिंग में वास करते हैं. मान्यता है कि प्रदोष व्रत में की गई शिव पूजा समस्त मनोकामनाओं को सिद्ध कर देती है.

फाल्गुन महीने का दूसरा प्रदोष व्रत बहुत खास माना जा रहा है, इसके फलस्वरूप व्यक्ति को धन, सुख, ऐश्वर्य भी प्राप्त होगा. मां लक्ष्मी प्रसन्न सदा मेहरबान रहेंगी. आइए जानते हैं मार्च के दूसरे प्रदोष व्रत की डेट, पूजा मुहूर्त.

मार्च 2024 का दूसरा प्रदोष व्रत

मार्च और फाल्गुन महीने का दूसरा प्रदोष व्रत 22 मार्च 2024 को रखा जाएगा. इस दिन शिव जी की चंद्रमौलेश्वर रूप में पूजा की जाती है. कहते हैं त्रयोदशी तिथि के दिन शिव जी कैलाश पर शाम को नृत्य करते हैं और देवी-देवता उनकी आराधना करते हैं.

शुक्र प्रदोष व्रत 2024 मुहूर्त

पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 22 मार्च 2024 को सुबह 04 बजकर 44 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 23 मार्च 2024 को सुबह 07 बजकर 17 मिनट पर समाप्त होगी.

पूजा का समय – शाम 06.34 – रात 08.55

शुक्र प्रदोष व्रत महत्व

पुराणों में बताया गया है कि त्रयोदशी की रात के पहले प्रहर में जो व्यक्ति शिव प्रतिमा के दर्शन करता है उसके समस्त समस्याओं का हल निकलता है. खासकर शुक्र प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष काल में शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करने पर सुख के साथ हर काम में सफलता मिलती है. घर में बरकत का वास होता है. प्रदोष काल सूर्यास्त के डेढ़ घंटे बाद तक माना जाता है. इसी कारण इस व्रत को भी लोग प्रदोष व्रत के नाम से जानते हैं.

शुक्र प्रदोष व्रत मंत्र

श्री महेश्वराय नम:।।

श्री सांबसदाशिवाय नम:।।

श्री रुद्राय नम:।।

ओम पार्वतीपतये नम:।।

ओम नमो नीलकण्ठाय नम:।।