लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच योगी आदित्यनाथ सरकार ने हाईकोर्ट में साफ कर दिया है कि चुनाव से पहले राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (OBC आयोग) का गठन किया जाएगा। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही चुनाव कराए जाएंगे।
हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई
उत्तर प्रदेश में पिछड़ा वर्ग आयोग का कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका था। इसके बाद एक जनहित याचिका हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दाखिल की गई, जिसमें आयोग का गठन जल्द करने की मांग की गई थी।
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सुनवाई जस्टिस राजन राय और जस्टिस अवधेश चौधरी की बेंच ने की।
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योगी सरकार ने कोर्ट में हलफनामा देते हुए कहा कि आयोग के गठन की प्रक्रिया चल रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही पंचायत चुनाव होंगे।
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कोर्ट ने याचिका को शेष न बचने के कारण निस्तारित कर दिया।
पंचायत चुनाव की संभावित समयसीमा
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव इस साल अप्रैल–मई के महीनों में कराए जाने की संभावना है।
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पहले ही दावा किया था कि चुनाव समय पर होंगे। हालांकि, OBC आयोग के गठन में देरी के कारण चुनावों में विलंब की आशंका बनी हुई है।
नेताओं ने भी मांग उठाई
इसके पहले नगीना सांसद और आज़ाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर आयोग का गठन करने की मांग की थी। अब सरकार ने स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनाव OBC आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही कराए जाएंगे।
