Homeउत्तर प्रदेशविपक्ष हिंदू समाज को विभाजित कर अपनी राजनीति साधने में लगा-सीएम योगी

विपक्ष हिंदू समाज को विभाजित कर अपनी राजनीति साधने में लगा-सीएम योगी

उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों की राजनीतिक रणनीति इन दिनों धार्मिक आयोजनों और विवादों के माध्यम से हिंदू समाज को विभाजित करने पर केंद्रित दिखाई दे रही है। इस दिशा में दो प्रमुख घटनाएं सामने आई हैं – वाराणसी के मर्णिकर्णिका घाट विवाद और प्रयागराज में माघ मेला को लेकर उत्पन्न हालात।

वाराणसी मर्णिकर्णिका घाट विवाद

हाल ही में मर्णिकर्णिका घाट के नवीनीकरण के लिए पुराने मंदिरों और प्रतिमाओं पर कथित बुलडोजर चलाने की खबरें आईं। बाद में यह अफवाहें फर्जी साबित हुईं, लेकिन इस मुद्दे का राजनीतिकरण हो गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रत्यक्ष हस्तक्षेप के बाद एआई वीडियो का इस्तेमाल कर मंदिर तोड़े जाने की अफवाह फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया गया। इसमें आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और बिहार के सांसद पप्पू यादव शामिल थे, जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

समाजवादी पार्टी ने पीडीए के नाम पर पाल समाज को भड़काकर धरना और प्रदर्शन आयोजित किए। विपक्ष सोशल मीडिया का उपयोग कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा की छवि को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है।

प्रयागराज माघ मेला और शंकराचार्य विवाद

दूसरी घटना प्रयागराज में आयोजित माघ मेले से जुड़ी है। विवादित शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद प्रशासनिक नियमों को नजरअंदाज कर पालकी में बैठकर संगम नोज तक जाने की कोशिश में लगे।

पुलिस और उनके भक्तों के बीच हाथापाई हुई और जमकर उपद्रव हुआ। इसके बाद समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल ने इस मामले को तुरंत राजनीतिक लाभ के लिए भुनाने का प्रयास किया।

विश्लेषकों का कहना है कि विपक्ष का उद्देश्य शंकराचार्य या सनातन धर्म का सम्मान नहीं बल्कि हिंदू मतों का विभाजन करना है।

अविमुक्तेश्वरानंद और राजनीतिक रंग बदलना

विशेषज्ञों के अनुसार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद प्रायः विवादित बयान देने के कारण चर्चा में रहते हैं। उन्होंने अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय विवादित बयान देकर विवाद खड़ा करने की कोशिश की थी।

उनके बयान – जैसे राहुल गांधी हिंदू नहीं हैं और राम मंदिर नहीं जाना चाहिए – और काशी कॉरिडोर का विरोध – विपक्ष के हाथों में उनके समर्थन को राजनीतिक हथियार बना चुके हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूमिका

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में कहा था –”बंटोंगे तो कटोगे”इस नारे से साफ है कि यदि हिंदू समाज एकजुट रहता है, तो विपक्ष की राजनीति कठिन हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने अयोध्या, प्रयागराज, काशी, मथुरा और विंध्याचल के मंदिरों का जीर्णोद्धार कर हिंदू धर्म का मान बढ़ाया है।

विश्लेषकों का कहना है कि विपक्षी दलों की रणनीति धार्मिक आधार पर मतभेद पैदा करके भाजपा की विजय रथ को रोकने की कोशिश है।

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