हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली में बुधवार को विवादास्पद मस्जिद के विरोध में दक्षिणपंथी संगठनों के प्रदर्शन से स्थिति तनावपूर्ण बन गई.
सैकड़ों प्रदर्शनकारियों द्वारा विभिन्न रास्तों से मस्जिद के पास पहुंचने का प्रयास किया गया.
प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया गया जिसको लेकर बताया जा रहा है कि पुलिस पर कुछ लोगों ने पथराव किया था.
हालांकि प्रदर्शन जारी रहा और अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया. हिन्दू जागरण मंच के कमल गौतम का कहना है कि ‘सरकार के इशारे पर शान्तिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है. शहर में प्रदर्शन के चलते बच्चों को स्कूल में ही रोका गया है.’
बीजेपी ने अपने नेताओं को इस मामले में किसी भी तरह का बयान न देने के निर्देश दिए हैं.
क्या है मामला?
30 अगस्त की रात में दो गुटों के बीच की झड़प से उपजा विवाद अब गहरा गया है. संजौली उपनगर में स्थित पांच मंज़िला भवन के निचले तल पर मस्जिद भी है. इसको लेकर मामला नगर निगम शिमला में लंबित है.
वक्फ बोर्ड इस संपत्ति पर अपना दावा जता रहा है. वहीं अवैध निर्माण के मामले में अगली सुनवाई 5 अक्तूबर को होनी है. स्थानीय लोग भी इस मामले में देरी का आरोप लगा रहे हैं जिसके चलते आज राजधानी में प्रदर्शन हुआ.
प्रशासन ने क्या कहा?
ज़िलाधीश अनुपम कश्यप ने बताया कि संजौली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा-163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश दिया गया है.
इसके तहत ज़िले के संजौली क्षेत्र में क़ानून व्यवस्था कायम रखने के साथ शांति व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा.
ज़िला शिमला पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक हज़ार से ज़्यादा जवानों की तैनाती रहेगी. उन्होंने कहा कि पुलिस यहां क़ानून व्यवस्था सुनिश्चित करेगी.
