लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका से ट्रेड डील में देश को बेच दिया गया। राहुल ने सवाल उठाया, “क्या आपको शर्म नहीं आती? आपने भारत माता को बेच दिया।”राहुल के हमले ने सदन में राजनीतिक बहस को गर्म कर दिया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का जवाब
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी और कांग्रेस को उत्तर देते हुए कहा कि देश को बेचने का आरोप यूपीए पर ही लागू होता है, न कि वर्तमान सरकार पर।उन्होंने शर्म-अल-शेख जॉइंट स्टेटमेंट (2009) का हवाला देते हुए कहा कि यूपीए सरकार ने पाकिस्तान के साथ बातचीत में भारत की सुरक्षा स्थिति को कमजोर किया।
सीतारमण ने कहा, “जो लोग उस समय पाकिस्तान के साथ शर्म-अल-शेख में बातचीत कर रहे थे, वे अब हमें सुझाव दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को कभी बेचेंगे नहीं।”
2009 का शर्म-अल-शेख समझौता
शर्म-अल-शेख मीटिंग डॉ. मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के तत्कालीन पीएम यूसुफ रजा गिलानी के बीच मुंबई 26/11 हमलों के सात महीने बाद हुई थी।इस मीटिंग में दोनों नेताओं ने आतंकवाद को दोनों देशों के लिए मुख्य खतरा माना और रियल-टाइम जानकारी साझा करने का निर्णय लिया।हालांकि, पाकिस्तान ने इस जॉइंट स्टेटमेंट का इस्तेमाल बाद में भारत पर आरोप लगाने के लिए किया।
जयशंकर ने भी बताया था मुद्दा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा भारत में आतंकवाद निर्यात किया है। उन्होंने बताया कि शर्म-अल-शेख जॉइंट स्टेटमेंट का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया ताकि भारत की भूमिका बलूचिस्तान में मान ली जाए।
