जबलपुर पुलिस ने आरोपी समर्थ सिंह को गिरफ्तार करने के बाद भोपाल पुलिस के हवाले कर दिया है। आरोपी को भोपाल लाया गया है और उसे दोपहर तक अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, समर्थ सिंह ने पहले गिरफ्तारी से बचने के लिए जबलपुर हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान उसने अपनी याचिका वापस ले ली। इसके बाद हाई कोर्ट ने उसे कटाराहिल्स थाना प्रभारी या जांच अधिकारी के समक्ष आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए थे।
निर्देशों के बाद समर्थ सिंह शाम करीब चार बजे जबलपुर जिला अदालत पहुंचा और सीजेएम अभिषेक सोनी की अदालत में आत्मसमर्पण करने की कोशिश की, लेकिन कोर्ट ने यह कहते हुए उसका समर्पण स्वीकार नहीं किया कि उसे भोपाल की सक्षम अदालत में पेश किया जाना चाहिए।
इसके बाद वह कोर्ट परिसर में ही घूमता रहा और बाद में रूम नंबर 32 में जाकर बैठ गया, जहां उस समय जज मौजूद नहीं थे और केवल कुछ कर्मचारी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि वह कोर्ट परिसर में मौजूद है।
सूचना मिलते ही भोपाल और जबलपुर पुलिस सक्रिय हो गई और मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ लिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर भोपाल पुलिस को सौंप दिया।
पुलिस ने इस मामले में पहले ही आरोपी की गिरफ्तारी में मदद करने वाले को 30 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। फिलहाल उसे भोपाल लाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और दोपहर तक कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी है।
