हर साल फरवरी आते ही कई लोग सोचते हैं कि अपने एक्स को फूल भेजना ठीक रहेगा या नहीं। रिश्तों के एक्सपर्ट्स का कहना है कि ब्रेकअप के बाद ऐसे जेस्चर अक्सर कन्फ्यूजन और पुरानी भावनाओं को फिर से जगा सकते हैं।
फूल भेजने के पीछे क्या छिपा होता है?
वैलेंटाइन डे और लाल गुलाब अक्सर प्रेम और रोमांस का प्रतीक माने जाते हैं। लेकिन जब ये फूल किसी एक्स को भेजे जाते हैं, तो उनका मतलब साफ नहीं रहता। सामने वाला यह सोच सकता है कि आप दोबारा रिलेशनशिप चाहते हैं, या फिर अब भी भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं।
साइकोलॉजिस्ट इसे “ब्रेडक्रंबिंग” कहते हैं। यानी बिना किसी स्पष्ट इरादे के ऐसे संकेत देना, जो सामने वाले में उम्मीद पैदा कर दें। Psychology Today के अनुसार, ऐसे तोहफे अक्सर सुलह नहीं बल्कि दर्द और गलतफहमी बढ़ाते हैं।
कब फूल भेजना सही माना जा सकता है
कुछ खास परिस्थितियों में यह कदम गलत नहीं माना जाता:
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अगर आप दोनों पहले से बातचीत में हैं और दोबारा साथ आने की कोशिश कर रहे हैं।
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ब्रेकअप दोस्ताना रहा हो और सीमाएं साफ हों, तब गैर-रोमांटिक फूल दोस्ती का संदेश दे सकते हैं।
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क्लोजर लेना है तो वैलेंटाइन डे जैसे भावुक दिन के बजाय साधारण दिन में सादा मैसेज भेजना बेहतर रहता है।
सोशल मीडिया का दबाव
फरवरी में चारों तरफ कपल्स के फूल, गिफ्ट और डिनर की तस्वीरें देखकर कई लोग भावुक फैसले ले लेते हैं। लेकिन हर ट्रेंड को फॉलो करना जरूरी नहीं, खासकर जब मेंटल पीस और भावनात्मक स्वास्थ्य की बात हो।
एक्स को फूल भेजें या अपने लिए?
आखिरकार, सवाल यही है: क्या आपको एक्स को फूल भेजना चाहिए?
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अगर दोनों की समझ साफ है और आप जानते हैं कि सामने वाला इसे सही तरह से लेगा, तभी यह कदम उठाएं।
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वरना आगे बढ़ना सीखें।
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और अगर दिल भारी है, तो खुद के लिए फूल खरीद लेना भी ठीक है। आप भी उतने ही केयर के हकदार हैं।
