सर्राफा बाजार में शुक्रवार को चांदी की कीमत में अचानक आई तेज गिरावट ने निवेशकों को हैरान कर दिया। पिछले साल निवेशकों को 170% का रिटर्न देने वाली चांदी ने एक ही दिन में 27% यानी 1,07,968 रुपये की गिरावट दर्ज की। इसके बाद चांदी का भाव अब 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर से काफी नीचे आ गया।
MCX पर मार्च एक्सपायरी वाली चांदी 2,91,925 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 85 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर पहुंच गया। यह अब तक की दूसरी सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।
चांदी गिरने के प्रमुख कारण
1️⃣ मजबूत अमेरिकी डॉलर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केविन वॉर्श को US फेड रिजर्व का नया चेयरमैन नियुक्त किया। इस घोषणा के बाद US डॉलर मजबूत हो गया।
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डॉलर मजबूत होने से सोना और चांदी जैसी कमोडिटी महंगी हो जाती हैं।
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विदेशी निवेशकों के लिए कीमत बढ़ने से मांग घट जाती है, और बाजार में गिरावट आती है।
2️⃣ सोने की कीमत में गिरावट का असर
चांदी अक्सर सोने के भाव का अनुसरण करती है। हफ्ते की शुरुआत में सोने की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर थी, लेकिन शुक्रवार को सोना 4.7% गिरकर 5,143.40 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
MCX पर सोने का फरवरी वायदा 1,50,440 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जो चांदी की भावनाओं पर भी दबाव डालता है।
3️⃣ फेड की नीतिगत स्वतंत्रता का संकेत
वॉर्श को फेड का चेयरमैन नियुक्त करने से संकेत मिलता है कि US फेड अपने निर्णय आंकड़ों के आधार पर लेगा, राजनीतिक दबाव में नहीं आएगा।
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विशेषज्ञ इसे सोने और चांदी के लिए मीडियम-टर्म बेयरिश फैक्टर मान रहे हैं।
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यही वजह है कि बाजार में अचानक बिकवाली देखने को मिली।
