पुलिस की हिंसा के खिलाफ फुटबॉलर्स फैंस हुए एक साथ, मैचों के बीच खाली हुआ स्टेडियम

पुलिस की हिंसा के खिलाफ फुटबॉलर्स फैंस हुए एक साथ, मैचों के बीच खाली हुआ स्टेडियम

पुलिस की हिंसा के खिलाफ फुटबॉलर्स फैंस हुए एक साथ, मैचों के बीच खाली हुआ स्टेडियम

Posted by: , Updated: 09/12/19 03:11:21pm


रूस- में पुलिस की हिंसा के खिलाफ फुटबाॅल फैंस एक साथ हो गए हैं। दरअसल  पिछले हफ्ते सेंट पीटर्सबर्ग में फुटबॉल मैच के दौरान स्पार्टक मॉस्को के समर्थकों ने मैच के बायकॉट का ऐलान किया, जिसके आरोप में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था, वही इस मामले के विरोध में समर्थकों के संगठन फ्रातारिया ने पूरे रूस  में फर्स्ट डिविजन मैचों के दौरान फैंस से स्टेडियम खाली करने की अपील की है।

पिछले हफ्ते सेंट पीटर्सबर्ग में जेनिट और स्पार्टक क्लब के बीच मैच के दौरान पुलिस ने कई फुटबॉल फैंस को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि उनकी गिरफ्तारी का कोई भी  कारण नहीं बताया गया था, जिसे लेकर देश के फुटबॉल समर्थकों के संगठन ‘फ्रातारिया’ ने एक बयान जारी किया जहां उनका कहना है कि दोनों क्लब एक दूसरे से दुश्मनी के लिए जाने जाते हैं। अगर पुलिस ने मैच को फैंस के लिए जोखिम भरा माना था, तो अब तक उस मैच से किसी हिंसा की घटना सामने क्यों नहीं आई है।

रूस के फुटबॉल स्टेडियमों में 1990 के दौर में हिंसा शुरू हुई थी, तब से टीमों के बीच की लड़ाई मैदान से बाहर फैंस की लड़ाई में तब्दील होने लगी।  इस तरह की लड़ाई का सबसे ताजा मामला तीन साल पहले देखा गया था, जब फ्रांस के मार्सेल में यूरो-2016 के दौरान रूस के फैंस ने उपद्रव मचाया था। जिससे शहर को काफी नुकसान हुआ था। 

रूसी सरकार ने इन घटनाओं को देखते हुए 2018 वर्ल्ड कप से पहले ही अपनी क्लीन स्टेडियम पॉलिसी शुरू की। फिलहाल सरकार की यह नीति बेहतरीन रही और रूस में बिना किसी हिंसक घटना के वर्ल्ड कप पूरा हुआ। हालांकि इस वक्त रूस के क्लब मैचों में फैंस के बीच लड़ाई के छोटे-मोटे मामले सामने आते रहते है, लेेेकिन वर्ल्ड कप के बाद भी रूस में पुलिस का सख्त रवैया बरकरार है। 

     

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