लखनऊ। अक्सर कहा जाता है कि पिता अपनी संतान के उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन करते हैं। लेकिन आशियाना थाना क्षेत्र के 19 वर्षीय अक्षत ने इस विचार को दरकिनार करते हुए अपने पिता मनवेन्द्र सिंह की हत्या कर दी। घटना के बाद उसने पिता के शव को टुकड़े-टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपा दिया और अपनी छोटी बहन कृति (11वीं की छात्रा) को चार दिन तक घर में कैद रखा।
NEET की तैयारी का बना दबाव
पुलिस के अनुसार, अक्षत के पिता चाहते थे कि उनका बेटा डॉक्टर बने। इस वजह से वह अपने बेटे पर NEET परीक्षा की तैयारी का दबाव डाल रहे थे। अक्षत ने पहले दो बार NEET की परीक्षा दी थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। मानसिक तनाव और लगातार तानों के चलते 20 फरवरी की सुबह पिता-पुत्र में तीखी बहस हुई। गुस्से में अक्षत ने पिता की लाइसेंसी राइफल से सिर में गोली मार दी।
अक्षत ने बीकॉम की पढ़ाई कर रहा था और उसके सारे खर्चे पिता ही उठा रहे थे। घटना के समय उसकी छोटी बहन कृति अपने कमरे में सो रही थी। गोली की आवाज सुनकर कृति आई तो अक्षत ने उसे जान से मारने की धमकी देकर चार दिन तक बंद रखा। पुलिस ने बाद में कृति की काउंसलिंग कराई।
शव को छुपाने के तरीके
हत्या के बाद अक्षत ने शव को ठिकाने लगाने के लिए कई योजनाएं बनाईं। शुरुआत में वह शव को गोमती नदी में फेंकने का सोच रहा था, लेकिन वजन अधिक होने के कारण उसने आरी से शव को टुकड़े-टुकड़े किया। हाथ-पैर अलग कर दिए और धड़ को नीले ड्रम में डालकर सीमेंट से भर दिया।
इसके अलावा, बिस्तर, चादर और खून से सने तकिए को अमौसी ले जाकर जला दिया। पुलिस ने मौके से नीला ड्रम और अन्य साक्ष्य बरामद कर पूरे मामले का खुलासा किया।
पड़ोसियों की सूचना से हुआ खुलासा
पड़ोसियों ने घटना के बाद पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो तीसरे तल पर खून के निशान और नीचे कमरे में नीला ड्रम मिला। ड्रम खोलने पर धड़ बरामद हुआ, जिससे पुलिस भी हैरान रह गई।पुलिस ने आरोपी अक्षत को गिरफ्तार कर पूछताछ की, जिसमें उसने सारी घटना स्वीकार कर ली।
