सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे पर महीनों तक बैरिकेड लगाए रखने के लिए हरियाणा सरकार की खिंचाई की है और सरकार को शंभू बॉर्डर खोलने का आदेश दिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा कि कोई सरकार हाईवे कैसे ब्लॉक कर सकती है?
साथ ही सर्वोच्च अदालत ने सरकार की ओर से लगाए गए बैरिकेड को हटाने के निर्देश दिए और हाईवे को ट्रैफ़िक के लिए खोलने को कहा है.
अंबाला-दिल्ली हाईवे पर किसान प्रदर्शनकारी बीते 13 फ़रवरी से ही बैठे हुए हैं. वो दिल्ली जाने की मांग कर रहे हैं.
एक दिन पहले गुरुवार को ही हाईकोर्ट ने शंभू बॉर्डर खोलने का आदेश जारी किया था, जिसे हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.
याचिकाकर्ता उदय प्रताप ने पीटीआई से कहा, “10 जुलाई को हाईकोर्ट ने शंभू बॉर्डर को खोलने का आदेश दिया था. इस आदेश को हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.”
उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने हमारी दलील पर ग़ौर किया और कहा कि सड़क खोलने की ज़िम्मेदारी सरकार की है. सर्वोच्च अदालत ने हरियाणा सरकार से पूछा कि धरना दे रहे किसान भी भारत के नागरिक हैं, उन्हें कहीं भी जाने का अधिकार है.”
उदय प्रताप ने कहा, “कोर्ट ने कहा कि यह सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वो रास्ता को खोले, जबकि यहां वे खुद ही बंद किए हुए हैं.”
