नई दिल्ली। Supreme Court of India ने NCERT की 8वीं कक्षा की सोशल साइंस की किताब में न्यायपालिका को लेकर प्रकाशित विवादित सामग्री पर सख्त रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान सीजीआई Surya Kant ने स्पष्ट कहा कि अदालत बिना शर्त माफी स्वीकार नहीं करेगी और मामले की गहन जांच कराई जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि NCERT की 8वीं कक्षा की सोशल साइंस की पुस्तक में “भ्रष्ट ज्यूडिशियरी सिस्टम” और लंबित मामलों (पेंडिंग केस) को लेकर कुछ अंश प्रकाशित किए गए थे। इन अंशों को लेकर न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने विवादित चैप्टर पर तत्काल प्रभाव से बैन लगा दिया है। साथ ही:
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किताब की नई प्रतियों के प्रकाशन पर रोक
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डिजिटल रूप से शेयर करने पर प्रतिबंध
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फिजिकल कॉपी जब्त करने का आदेश
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किसी भी रूप में सामग्री साझा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
सुनवाई में क्या बोले CJI?
सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा:
“हम बिना शर्त माफी अभी स्वीकार नहीं करेंगे। यह एक सोची-समझी साजिश भी हो सकती है। अगर अभी माफी स्वीकार कर ली गई, तो भविष्य में कोई भी ऐसा करेगा। हम इस संस्थान की गरिमा को नुकसान नहीं पहुंचने दे सकते।”
उन्होंने आगे कहा कि यह मामूली मामला नहीं है और इसकी गंभीर जांच आवश्यक है।
जस्टिस बागची की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने कहा कि डिजिटल युग में किसी भी किताब की हजारों प्रतियां बन सकती हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि सामग्री किस तरह सार्वजनिक डोमेन में आई। उन्होंने सरकार से आपत्तिजनक सामग्री हटाने के आदेश जारी करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
SG ने क्या कहा?
सुनवाई में उपस्थित सॉलिसिटर जनरल (SG) ने कोर्ट को बताया कि जो पुस्तक बाजार में छपकर गई थी, उसे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कोर्ट जो उचित समझे, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
कोर्ट ने क्यों जताई साजिश की आशंका?
सीजेआई ने टिप्पणी की कि यह “कैलकुलेटेड मूव” हो सकता है, जिसमें भारतीय न्यायपालिका को भ्रष्ट दिखाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका संविधान की संरक्षक है और उसकी साख को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा।
आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कार्यवाही बंद नहीं की जा रही है। मामले की गहन जांच कराई जाएगी। यदि किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा प्रतिबंधित सामग्री को साझा किया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
