नई दिल्ली: शादी का झूठा वादा कर दुष्कर्म के आरोप से जुड़े एक मामले में सोमवार (16 फरवरी) को सुनवाई करते हुए Supreme Court of India ने शादी से पहले संबंधों को लेकर टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि शादी से पहले लड़का और लड़की मूल रूप से अजनबी होते हैं, इसलिए शारीरिक संबंध बनाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
क्या है मामला?
मामला उस व्यक्ति की जमानत याचिका से जुड़ा है, जिस पर आरोप है कि उसने एक महिला को शादी का आश्वासन देकर उसके साथ संबंध बनाए, जबकि वह पहले से विवाहित था। बाद में उसने दूसरी महिला से भी शादी कर ली।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, लगभग 30 वर्षीय शिकायतकर्ता की मुलाकात आरोपी से 2022 में एक वैवाहिक वेबसाइट के जरिए हुई थी। आरोप है कि आरोपी ने शादी का वादा कर दिल्ली और बाद में दुबई में कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि दुबई में आरोपी ने कथित रूप से उसकी सहमति के बिना अंतरंग वीडियो रिकॉर्ड किए और विरोध करने पर उन्हें प्रसारित करने की धमकी दी। बाद में महिला को पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा था और जनवरी 2024 में उसने पंजाब में दूसरी महिला से विवाह कर लिया।
कोर्ट की टिप्पणी
जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने के मामले में सतर्कता जरूरी है। उन्होंने टिप्पणी की कि यदि कोई शादी को लेकर गंभीर है, तो उसे विवाह से पहले ऐसे कदम उठाने से बचना चाहिए।
पीठ ने यह भी सवाल उठाया कि शिकायतकर्ता आरोपी से मिलने दुबई क्यों गई थीं। जब सरकारी वकील ने बताया कि दोनों शादी की योजना बना रहे थे, तो कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में सावधानी अपेक्षित है।
अगली सुनवाई बुधवार को
कोर्ट ने संकेत दिया कि मामले को मध्यस्थता के लिए भेजा जा सकता है। साथ ही कहा कि यह ऐसा मामला प्रतीत होता है जिसमें आपसी सहमति से बने संबंध के बाद विवाद उत्पन्न हुआ है। मामले की अगली सुनवाई बुधवार को निर्धारित की गई है, जहां जमानत याचिका पर आगे की कार्यवाही होगी।
