नई दिल्ली: राज्यसभा में मंगलवार को उत्तर प्रदेश के दो जिलों के तीन रेलवे स्टेशनों पर लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव का मुद्दा जोरशोर से उठाया गया। शून्यकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी के सांसदों ने ग्रेटर नोएडा (गौतमबुद्धनगर) और जौनपुर के जंघई जंक्शन पर प्रमुख ट्रेनों को रोकने की मांग रखी।
ग्रेटर नोएडा की आबादी 12 लाख से ज्यादा
बीजेपी सांसद सुरेंद्र सिंह नागर ने कहा कि ग्रेटर नोएडा की आबादी 12 लाख से अधिक है। यहां उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, झारखंड समेत कई राज्यों के लोग रहते हैं और बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। इसके बावजूद यहां से कोई भी प्रमुख लंबी दूरी की ट्रेन नहीं रुकती।
उन्होंने बताया कि मजबूरी में लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए 50 किलोमीटर दूर गाजियाबाद या दिल्ली जाना पड़ता है, जिससे ट्रैफिक जाम बढ़ता है और यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
इन ट्रेनों के ठहराव की मांग
सुरेंद्र सिंह नागर ने कहा कि ग्रेटर नोएडा के दादरी और बोड़ाकी रेलवे स्टेशन से रोज कई प्रीमियम ट्रेनें गुजरती हैं, जिनमें शामिल हैं—
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प्रयागराज रीवा सुपरफास्ट एक्सप्रेस
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वंदे भारत एक्सप्रेस
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शताब्दी एक्सप्रेस
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शिवगंगा एक्सप्रेस
लेकिन इनका ठहराव ग्रेटर नोएडा में नहीं है। उन्होंने मांग की कि दादरी और बोड़ाकी स्टेशन पर इन ट्रेनों को रोका जाए, ताकि स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।
बोड़ाकी स्टेशन को रेलवे हब बनाने की मांग
बीजेपी सांसद ने यह भी आग्रह किया कि ग्रेटर नोएडा को रेलवे हब के रूप में विकसित किया जाए और बोड़ाकी रेलवे स्टेशन के विकास कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि रेल मंत्री को देखना चाहिए कि इस क्षेत्र के लोग कितनी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
जौनपुर के जंघई स्टेशन पर भी ठहराव की मांग
वहीं, बीजेपी सांसद सीमा द्विवेदी ने कहा कि उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनें हैं, लेकिन जंघई जंक्शन पर उनका ठहराव नहीं है। इस कारण प्रयागराज और आसपास के इलाकों के यात्रियों को करीब 60 किलोमीटर दूर दूसरे स्टेशनों तक जाना पड़ता है।
उन्होंने जनहित में मांग की कि जंघई जंक्शन पर प्रमुख ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए, जिससे स्थानीय यात्रियों को सुविधा मिल सके।
