Homeउत्तर प्रदेशस्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा

इलाहाबाद: तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच अब इलाहाबाद हाई कोर्ट में पहुंच गई है। स्वामी ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। उनकी तरफ से अधिवक्ता राजर्षि गुप्ता, सुधांशु कुमार और श्री प्रकाश ने यह अर्जी दाखिल की। याचिका पर जल्द सुनवाई की संभावना है।

मुकदमा और एफआईआर का विवरण

झूंसी के एडीजे, रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट विनोद कुमार चौरसिया ने जिला कोर्ट में दाखिल अर्जी के आधार पर पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया था।

झूंसी थाना पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी और दो-तीन अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

एफआईआर में आरोपों के तहत विभिन्न धाराएं शामिल हैं:

  • धारा 351(3) – बल प्रयोग

  • POCSO एक्ट की धारा 5(1), 6, 3, 4(2), 16 और 17 – बच्चों के खिलाफ लैंगिक अपराध

आरोप लगाने वाले और मामला

तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने 173(4) के तहत जिला कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का पक्ष

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को नकारते हुए कहा कि प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा उनके खिलाफ षड़यंत्र कर रहे हैं।

उन्होंने मीडिया को एक तस्वीर दिखाई जिसमें एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा केक काटते दिख रहे हैं और उनके बगल में आशुतोष ब्रह्मचारी खड़े हैं।

स्वामी ने कहा, “**18 जनवरी मौनी अमावस्या के दिन से ही मेरे खिलाफ प्रशासन और पुलिस ने षड़यंत्र करना शुरू कर दिया। पॉक्सो में तुरंत एफआईआर का प्रावधान है, लेकिन पुलिस ने खुद कोई मामला दर्ज नहीं किया, बल्कि कोर्ट से एफआईआर कराई। अधिकारियों को मेल भेजा गया, बावजूद इसके केस दर्ज नहीं हुआ। क्यों?”

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