सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को Netflix और फिल्ममेकर नीरज पांडे से पूछा कि वे फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ का नाम बदलने का प्रस्ताव रखेंगे या नहीं। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना की बेंच ने कहा कि ऐसे विवादास्पद नाम अक्सर केवल पब्लिसिटी के लिए चुने जाते हैं।
कोर्ट ने साफ कहा, “किसी भी वर्ग को अपमानित करना गलत है। समाज में पहले ही इतनी दरार है, इसे बढ़ावा मत दीजिए।” बेंच ने फिल्म निर्माताओं से पूछा कि नया नाम क्या होगा और क्या फिल्म में किसी वर्ग के बारे में कोई आपत्तिजनक सामग्री है।
पिछली हाईकोर्ट सुनवाई
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने Netflix की फिल्म की रिलीज और स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुनवाई की थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि फिल्म का नाम और प्रस्तावित कंटेंट हिंदू पुजारियों और एक खास समुदाय की इमेज को नुकसान पहुंचा सकता है।
सुनवाई के दौरान Netflix ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि फिल्म का नाम बदला जाएगा और सारा प्रमोशनल मटीरियल सोशल मीडिया से हटा दिया गया है। इस आधार पर हाईकोर्ट ने पिटीशन को खारिज कर दिया और मामले को सुलझा हुआ माना।
अगली सुनवाई की तारीख
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी 2026 तय की है। कोर्ट ने निर्माताओं से स्पष्ट जवाब देने पर जोर दिया कि क्या फिल्म का नाम बदला जाएगा और फिल्म में किसी वर्ग को अपमानित करने वाली सामग्री है या नहीं।
