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मेंटल हेल्थ और बालों की सेहत में भी होता है कनेक्शन, जानें कैसे

बालों का हमारे मेंटल हेल्थ से गहरा कनेक्शन होता है. बहुत से लोग इसे अनदेखा कर देते हैं, जो बाद में चलकर बड़ी समस्या बन सकता है. दरअसल, ज्यादा स्ट्रेस, डिप्रेशन या टेंशन लेने की वजह से बाल झड़ने लगते हैं. इसके ठीक उलट बालों की बिगड़ती सेहत भी दिमाग पर असर डाल सकती है.

मानसिक स्वास्थ्य और बालों के संबंध के अध्ययन को साइकोहेयरपी कहा जाता है. Psychotrichology दो शब्दों को मिलकर बना है. पहला ‘साइको’ मतलब मानसिक और ‘ट्राइकोलॉजी’ मतलब बालों का अध्ययन है. जानिए यह क्या है…

साइकोहेयरपी क्या है

साइकोहेयरपी में विशेषज्ञ बालों की समस्याओं को मानसिक स्वास्थ्य के साथ जोड़कर देखते हैं. यह एक तरह का साइंस है, जो बताता है कि कैसे मेंटल स्ट्रेस, डिप्रेशन, टेंशन और अन्य मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स  बालों की क्वालिटी, ग्रोथ और मेंटल हेल्थ पर असर डाल सकती है.

साइकोहेयरपी के कुछ प्रमुख फैक्टर्स

1. बालों का झड़ना और स्ट्रेस

2. डिप्रेशन और बालों का रंग बदलना

3. सेल्फ कॉन्फिडेंस और बालों की देखभाल

4. मेंटल हेल्थ और बालों की क्वालिटी

5. बालों की समस्याओं का मेंटल हेल्थ पर प्रभाव

साइकोहेयरपी से क्या फायदे हैं

1. इस अध्ययन में बालों की समस्याओं का समाधान मिल सकता है.

2. इससे मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है.

3. यह सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ता है.

4. साइकोहेयपी बालों की गुणवत्ता में सुधार

क्या कहते हैं मनोवैज्ञानिक

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि बाल हमारी बॉडी इमेज का हिस्सा हैं. इसमें किसी तरह का बदलाव सीधे तौर पर विचारों, भावनाओं और यहां तक कि व्यवहार पर असर डाल सकता है. सिर पर अच्छे बाल युवापन, जोश को दिखाता है, जबकि बालों को झड़ने की समस्या में तनाव, अवसाद जैसी समस्याएं हो सकती हैं. बालों में किसी तरह की समस्या होने पर मानसिक स्वास्थ्य पर निगेटिव असर पड़ता है और निराशा, ईर्ष्या, शर्मिंदगी बढ़ती है. डॉक्टर्स का मानना है कि बालों के झड़ने का का प्रभाव इतना ज्यादा हो सकता है कि यह डेली लाइफ को भी प्रभावित कर सकता है.

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