मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में 10 फरवरी से नवग्रह शक्ति पीठ प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन हो रहा है। यह तीन दिवसीय धार्मिक महोत्सव श्रद्धालुओं में उत्साह और आस्था का केंद्र बना हुआ है। मंदिर का निर्माण 108 विशाल खंभों पर हुआ है और इसकी वास्तुकला बेहद भव्य और अनोखी मानी जा रही है।
इस महोत्सव में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि 18 से 25 वर्ष की उम्र व्यक्ति के जीवन का निर्णायक समय होता है। इस आयु वर्ग में अनुशासन और सही मार्ग अपनाने वाले लोग जीवन में कभी नहीं बिगड़ते, जबकि गलत राह पकड़ने पर सुधार मुश्किल हो जाता है।
पंडित धीरेंद्र ने कहा, “कोई आपको बिगाड़ता नहीं, आप खुद अपने विचार और आचरण से सही या गलत दिशा चुनते हैं। राम के राज्य में मंथरा नहीं सुधरी और रावण के राज्य में विभीषण नहीं बिगड़े।” उन्होंने लड़कियों को भी संदेश देते हुए कहा कि वे दुर्गा और काली बनें, कभी बुर्के वाली मानसिकता का अनुसरण न करें।
महोत्सव के दौरान प्रतिदिन 1 लाख आहुतियां महायज्ञ में डाली जा रही हैं। प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से भाग ले सकें।
मंदिर परिसर में नवग्रहों की अष्टधातु से निर्मित प्रतिमाएं स्थापित हैं, जिनका वजन लगभग 15 क्विंटल बताया गया है। इसके अलावा, मंदिर की वास्तुकला में एक विशेषता यह है कि किसी एक मीनार की परछाईं दूसरी मीनार पर नहीं पड़ती।
पंडित धीरेंद्र का संबंध मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले स्थित बागेश्वर धाम से है। छतरपुर में हर मंगलवार और शनिवार को उनकी उपस्थिति में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और अपनी समस्याओं के समाधान की कामना करते हैं।
यह महोत्सव धार्मिक आस्था और युवाओं के जीवन मार्गदर्शन का अनूठा संगम बन गया है, और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।
