लखनऊ। उत्तर प्रदेश में Yogi Adityanath सरकार द्वारा शासन-प्रशासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं। इसी कड़ी में समाज कल्याण विभाग की 14566 अत्याचार एवं उत्पीड़न हेल्पलाइन पीड़ितों के लिए एक प्रभावी सहारा बनकर उभरी है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी पीड़ित को न्याय से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान हेल्पलाइन पर कुल 628 शिकायतें दर्ज की गईं। जांच में 75 शिकायतें डुप्लीकेट पाई गईं, जिन्हें अलग कर दिया गया। इसके बाद शेष सभी मामलों में संबंधित विभागों को निर्देश देकर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
माहवार आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल में 45, मई में 37, जून और जुलाई में 65-65, अगस्त में 57, सितंबर में 80, अक्टूबर में 79, नवंबर में 40, दिसंबर में 35, जनवरी में 37, फरवरी में 48 और मार्च में 40 शिकायतें दर्ज की गईं।
अधिकारियों के मुताबिक, हेल्पलाइन पर शिकायत मिलते ही उसे ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर संबंधित जिले को तुरंत भेजा जाता है। साथ ही उसकी प्रति विभागीय अधिकारियों को भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे हर स्तर पर निगरानी बनी रहती है। कार्रवाई पूरी होने के बाद पीड़ितों से फीडबैक लेकर यह सुनिश्चित किया जाता है कि उन्हें वास्तविक न्याय मिला है।
विभाग ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि यदि किसी के साथ अत्याचार या उत्पीड़न की घटना होती है, तो वह बिना झिझक 14566 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकता है। सरकार का दावा है कि इस व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाकर शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है।
