लखनऊ। उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने और नौकरी की तलाश आसान बनाने के लिए योगी सरकार तकनीक का सहारा लेने जा रही है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन अपने ‘Blue DotsAI’ प्लेटफॉर्म का विस्तार प्रदेश के सभी 18 मंडलों में करने की तैयारी कर रहा है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को अपने आसपास उपलब्ध नौकरियों की जानकारी मिल सकेगी। वहीं, कंपनियां अपनी जरूरत के अनुसार योग्य उम्मीदवारों की तलाश कर सकेंगी।
इस पहल का उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं और उद्योगों की जरूरतों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है, ताकि युवाओं को उनकी योग्यता और दक्षता के अनुरूप रोजगार के अवसर मिल सकें।
18 मंडलों तक पहुंचेगा डिजिटल प्लेटफॉर्म
मिशन निदेशक पुलकित खरे के निर्देशन में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और एक फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके साथ ही जून से संचालित इस पहल को औपचारिक रूप से मिशन से जोड़ दिया गया है। अब इसे प्रदेश के सभी 18 मंडलों तक पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है।
‘Blue DotsAI’ एक डिजिटल डिस्कवरी प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए मैप पर आसपास उपलब्ध रिक्तियों और उम्मीदवारों की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। गाजियाबाद में इसके पायलट प्रोजेक्ट के दौरान 20 से 25 किलोमीटर के दायरे में 25 हजार से अधिक नौकरियों को मैप पर खोजने योग्य बनाया गया है। इसी अनुभव के आधार पर प्रदेश के दूसरे क्षेत्रों में भी इसका विस्तार करने की तैयारी है।
नौकरी से पहले वेतन और सुविधाओं की मिलेगी जानकारी
इस प्लेटफॉर्म पर युवाओं को संबंधित कंपनी, रिक्त पदों की संख्या, शुरुआती वेतन, ओवरटाइम और पिकअप-ड्रॉप जैसी सुविधाओं की जानकारी मिल सकेगी। इससे नौकरी तलाशने वाले युवाओं को अलग-अलग विकल्पों की तुलना करने और अपनी जरूरत के अनुसार अवसर चुनने में मदद मिलेगी।
कंपनियां भी अपनी भर्ती संबंधी जरूरतों के आधार पर उम्मीदवारों की प्रोफाइल तलाश सकेंगी। इससे स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार और योग्य युवाओं के बीच संपर्क स्थापित करने में आसानी होने की उम्मीद है।
AI वॉइस बॉट से बोलकर दर्ज होगी भर्ती की जरूरत
‘Blue DotsAI’ की खासियत इसका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित वॉइस बॉट है। इसके जरिए कंपनियां और इंडस्ट्री एसोसिएशन हिंदी, अंग्रेजी या अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में बोलकर अपनी भर्ती की जरूरतें दर्ज करा सकेंगे। इससे रिक्त पदों की जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करने की प्रक्रिया आसान होगी।
वॉइस बॉट उम्मीदवारों से संपर्क कर उनकी प्रोफाइल के अनुरूप उपलब्ध नौकरियों की जानकारी देने में भी मदद करेगा। उम्मीदवार की सहमति से आवेदन प्रक्रिया में सहायता की जा सकेगी। इसके अलावा युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से काउंसलिंग, मॉक इंटरव्यू और इंडस्ट्री एसोसिएशन के साथ सीधे संवाद पर भी जोर दिया जाएगा।
MSME और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर विशेष फोकस
प्लेटफॉर्म के माध्यम से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME), मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल सेक्टर में उपलब्ध नौकरियों को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। अपैरल और फूड एंड बेवरेज जैसे क्षेत्रों के साथ वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन और मशीन ऑपरेटर जैसे तकनीकी पदों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
इससे स्थानीय उद्योगों को जरूरत के मुताबिक कर्मचारी तलाशने और युवाओं को अपने कौशल के अनुसार काम पाने में मदद मिल सकती है।
कौशल प्रशिक्षण से रोजगार तक बनेगा बेहतर तालमेल
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की इस पहल का उद्देश्य केवल नौकरी की जानकारी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रशिक्षित युवाओं को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना भी है। सभी 18 मंडलों में प्लेटफॉर्म का विस्तार होने के बाद स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों की जानकारी युवाओं तक पहुंचाने का दायरा बढ़ने की उम्मीद है।
तकनीक, कौशल प्रशिक्षण और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने से युवाओं को रोजगार तलाशने में सहूलियत मिल सकती है। हालांकि, प्लेटफॉर्म के प्रदेशव्यापी विस्तार की समयसीमा और इसके तहत उपलब्ध होने वाली नौकरियों की संख्या को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
