लखनऊ, 15 अप्रैल। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में एक अहम पहल की है। इसके तहत अब स्कूलों के माध्यम से बच्चों और समाज में पानी बचाने की आदत विकसित की जाएगी।
‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन’ के अंतर्गत 16 से 30 अप्रैल तक प्रदेश के सभी विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में ‘जल पखवाड़ा’ मनाया जाएगा। इस दौरान छात्र-छात्राएं न सिर्फ जल संरक्षण के महत्व को समझेंगे, बल्कि इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित भी होंगे।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सख्त मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू की गई है। सभी विद्यालयों को रोजाना गतिविधियों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग करनी होगी, जिसमें प्रतिभागियों की संख्या, कार्यक्रमों का विवरण और फोटो-वीडियो अपलोड करना अनिवार्य होगा। जनपद स्तर पर बेसिक शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाकर जवाबदेही तय की गई है।
इस पहल के तहत स्कूलों को जल संरक्षण का केंद्र बनाया जाएगा। प्रार्थना सभाओं में रोजाना ‘जल शपथ’ दिलाई जाएगी और कार्यशालाओं के जरिए छात्रों व अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा। इसमें जल निगम, पंचायती राज, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है।
छात्रों की भागीदारी बढ़ाने के लिए निबंध, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी और चित्रकला जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। साथ ही स्कूलों में जल स्रोतों और भंडारण स्थलों की सफाई, पेयजल की गुणवत्ता जांच और फोटो प्रदर्शनी जैसी गतिविधियां भी होंगी।
सरकार का उद्देश्य इस अभियान के जरिए जल संरक्षण को केवल जागरूकता तक सीमित न रखकर, इसे समाज के व्यवहार में स्थायी रूप से शामिल करना है।
