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लोकायुक्त संगठन ने 50 साल में 1.25 लाख परिवादों पर की कार्रवाई, 33.55 करोड़ की राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोकायुक्त संगठन के स्वर्ण जयंती समारोह में संगठन की पांच दशक की कार्ययात्रा और उपलब्धियों की जानकारी दी गई। लोकायुक्त प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, सितंबर 1977 से अगस्त 2026 तक संगठन ने 1,25,056 परिवादों पर कार्रवाई की। वहीं वर्ष 2017 से 2025 के बीच परिवादियों और आम जनता को कुल 33 करोड़ 55 लाख 17 हजार 427 रुपये की आर्थिक राहत दिलाई गई।

भ्रष्टाचार राष्ट्रीय चरित्र का प्रश्न: लोकायुक्त

लोकायुक्त न्यायमूर्ति संजय मिश्र ने कहा कि संगठन की 50 वर्षों की यात्रा विश्वसनीयता और जनविश्वास की यात्रा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार केवल आर्थिक अपराध नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे समाज पर पड़ता है और यह राष्ट्रीय चरित्र का प्रश्न है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस के जरिए संस्था को और मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एक सही निर्णय किसी नागरिक का अधिकार सुनिश्चित कर सकता है, जबकि एक गलत निर्णय पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर सकता है।

गांवों से सबसे ज्यादा शिकायतें

उप लोकायुक्त सुरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि लोकायुक्त के पास बड़ी संख्या में शिकायतें गांवों से आती हैं। इनमें मनरेगा में फर्जी उपस्थिति, आवास और शौचालय आवंटन में कथित भ्रष्टाचार, राशन कार्ड, पेंशन और भूमि अभिलेखों में हेराफेरी से जुड़ी शिकायतें शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि चीनी मिल श्रमिकों के बकाये से लेकर खाद्य एवं रसद, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग से जुड़ी शिकायतों पर भी जांच और कार्रवाई की गई है। इससे जनता के बीच यह विश्वास मजबूत हुआ है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।

चार प्रमुख क्षेत्रों में काम कर रहा लोकायुक्त प्रशासन

उप लोकायुक्त शंभू सिंह यादव ने प्रस्तुतीकरण के जरिए लोकायुक्त प्रशासन की कार्यप्रणाली और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशासन मुख्य रूप से चार क्षेत्रों में काम करता है। इनमें अन्वेषण, अतिरिक्त कृत्यों का निर्वहन, जनजागरूकता कार्यक्रम और व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं।

वर्ष 2024 में परिवादों के निस्तारण की अधिकतम दर 98 प्रतिशत रही, जबकि औसत निस्तारण दर 90 प्रतिशत दर्ज की गई।

जांच के बाद भेजे गए 186 प्रतिवेदन

लोकायुक्त संगठन की सचिव रीमा बंसल ने बताया कि संस्था की भूमिका केवल भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों की जांच तक सीमित नहीं है। इसके हस्तक्षेप से आम लोगों को प्रशासनिक और आर्थिक राहत भी मिली है।

उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में जांच-पड़ताल के बाद 186 प्रतिवेदन, 35 विशेष प्रतिवेदन और 37 संस्तुतियां सक्षम प्राधिकारियों को भेजी गईं।

स्मारिका और सूचना पुस्तिका का विमोचन

स्वर्ण जयंती समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और लोकायुक्त न्यायमूर्ति संजय मिश्र ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्यमंत्री ने लोकायुक्त प्रशासन की स्मारिका और सूचना पुस्तिका का विमोचन किया। इसके अलावा उन्होंने संगठन की 50 वर्षों की विकास यात्रा और उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी और लघु फिल्म भी देखी।

कार्यक्रम में उप लोकायुक्त शंभू सिंह यादव, दिनेश कुमार सिंह और सुरेंद्र कुमार यादव समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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