उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के शिक्षा सुधारों का असर अब संस्कृत शिक्षा में भी साफ दिखाई दे रहा है। उ०प्र० माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, लखनऊ द्वारा वर्ष 2026 के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिनमें इस बार विद्यार्थियों का प्रदर्शन बेहद उत्कृष्ट रहा।
पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10) में 95.91% परीक्षार्थियों ने सफलता हासिल की, जबकि उत्तर मध्यमा प्रथम में 94.40% और उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12) में 94.86% छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए। तीनों वर्गों में उच्च सफलता दर ने संस्कृत शिक्षा के प्रति बढ़ते रुझान और बेहतर व्यवस्थाओं को दर्शाया है।
इस बार परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और सख्त निगरानी में आयोजित की गई। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और कड़े दिशा-निर्देश लागू किए गए थे, जिससे नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित की जा सकी।
मेधावी छात्रों की बात करें तो पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10) में कन्नौज की सृष्टि ने टॉप कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। वहीं उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12) में प्रतापगढ़ के रजनीश यादव ने श्रेष्ठता सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया।
सरकार की सख्त और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के चलते इस वर्ष परिणाम न सिर्फ बेहतर रहे, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास भी और मजबूत हुआ है।
