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यूपी में कार्यरत शिक्षकों के लिए स्पेशल TET को मंजूरी, 62 हजार शिक्षकों को मिलेगा परीक्षा का मौका

रिपोर्ट- प्रिया बाजपेयी शुक्ला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के हजारों कार्यरत शिक्षकों के लिए राहत की खबर है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्यरत शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य किए जाने के बीच प्रदेश सरकार ने स्पेशल शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) कराने की कार्ययोजना को मंजूरी दे दी है। अब उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग जल्द ही इसका विज्ञापन जारी कर परीक्षा की तारीख घोषित करेगा।

सरकार की कार्ययोजना के अनुसार प्रदेश में करीब 56,818 कार्यरत शिक्षकों को विशेष TET उत्तीर्ण करना होगा। व्यापक स्तर पर यह संख्या करीब 62 हजार बताई जा रही है। इससे पहले आयोजित TET में करीब 86 हजार कार्यरत शिक्षक सफल हो चुके हैं।

31 अगस्त 2028 तक TET पास करना जरूरी

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने कार्यरत शिक्षकों के लिए भी TET उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया है। शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET पास करना होगा। इसी के मद्देनजर राज्य सरकार ने लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए अलग से स्पेशल TET कराने का फैसला लिया है।

150 सवाल, 150 अंक और ढाई घंटे का समय

स्पेशल TET में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा और परीक्षा के लिए 150 मिनट यानी ढाई घंटे का समय मिलेगा। परीक्षा की खास बात यह है कि इसमें गलत उत्तर के लिए निगेटिव मार्किंग नहीं होगी

भाषा से जुड़े विषयों को छोड़कर प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में उपलब्ध कराया जाएगा।

सामान्य वर्ग के लिए 60 फीसदी अंक जरूरी

सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को परीक्षा पास करने के लिए 150 में से 90 अंक यानी 60 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे। वहीं SC, ST, OBC, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित, भूतपूर्व सैनिक और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 82 अंक यानी 55 प्रतिशत निर्धारित किए गए हैं। EWS वर्ग के सामान्य अभ्यर्थियों के लिए भी 82 अंक पर पास होने का प्रावधान है।

कक्षा 1 से 5 के शिक्षकों का पेपर

प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के लिए प्रश्नपत्र में पांच खंड होंगे—

  • बाल विकास एवं शिक्षण विधि – 30 प्रश्न
  • प्रथम भाषा हिंदी – 30 प्रश्न
  • द्वितीय भाषा अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत – 30 प्रश्न
  • गणित – 30 प्रश्न
  • पर्यावरण अध्ययन – 30 प्रश्न

कक्षा 6 से 8 के शिक्षकों के लिए विषय आधारित परीक्षा

उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के लिए भी बाल विकास एवं शिक्षण विधि, हिंदी और दूसरी भाषा से 30-30 प्रश्न होंगे। इसके अलावा शिक्षक के विषय के अनुसार गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान से प्रश्न पूछे जाएंगे। अन्य विषयों के शिक्षक निर्धारित विकल्पों में से अपने विषय का चयन कर सकेंगे।

करीब डेढ़ दशक बाद कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष परीक्षा

उत्तर प्रदेश में TET की शुरुआत नवंबर 2011 में हुई थी। उस समय पहले से कार्यरत कई शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य नहीं था। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन शिक्षकों को पात्रता हासिल करने के लिए परीक्षा पास करनी होगी।

ऐसे में करीब डेढ़ दशक बाद प्रदेश में पहली बार विशेष रूप से कार्यरत शिक्षकों के लिए TET आयोजित होने जा रही है। સરકાર की मंजूरी के बाद अब शिक्षा सेवा चयन आयोग के विज्ञापन और परीक्षा कार्यक्रम का इंतजार है।

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