सावन महीने में कांवड़ यात्रा से पहले उत्तर प्रदेश की मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस का नया आदेश विवादों में घिर गया है. मशहूर गीतकार जावेद अख़्तर ने पुलिस के इस आदेश की तुलना हिटलर के दौर की नाज़ी जर्मनी से की है.
जावेद अख़्तर ने सोशल मीडिया पर लिखा, ”उत्तर प्रदेश पुलिस की मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस ने कहा है कि एक ख़ास यात्रा के रूट पर दुकानों, होटलों और यहाँ तक कि गाड़ियों पर उनके मालिक के नाम स्पष्ट तौर पर लिखे होने चाहिए, क्यों? नाज़ी जर्मनी में ख़ास दुकानों और मकानों के ऊपर एक निशान लगाया करते थे.”
इससे पहले मुज़फ़्फ़रनगर के पुलिस अधीक्षक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि कांवड़ यात्रा की तैयारियाँ शुरू हो गई हैं और ज़िले में 240 किलोमीटर कांवड़ मार्ग हैं.
उनके मुताबिक़, “रूट में मौजूद होटल ढाबे या ठेले जितने भी खानपान की दुकानें हैं, हर किसी को निर्देश दिया गया है कि वो दुकान के मालिक या काम करने वाले का नाम ज़रूर लिखें ताकि लोगों को कोई भ्रम ना हो और बाद में क़ानून व्यवस्था की कोई परेशानी न खड़ी हो.”
