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विक्रमादित्य सिंह ने हिमाचल में रेहड़ी-पटरी वालों के पहचान पत्र के मसले पर कही ये बात

हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह अपने एक बयान और फिर राज्य सरकार की तरफ़ से उसके खंडन के कारण सुर्ख़ियों में हैं. इसी बीच शुक्रवार को उन्होंने कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की है.

विक्रमादित्य सिंह ने कहा था कि राज्य के रेहड़ी-पटरी वाली दुकानों पर फोटोयुक्त पहचान पत्र लगाना अनिवार्य होगा. जिस पर बाद में उनकी सफाई भी आई. बाद में राज्य सरकार ने ऐसे किसी आदेश पर रोक लगा दी थी.

इसी सिलसिले के बीच हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल से मुलाकात के बाद बयान दिया है.

विक्रमादित्य सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, “कल वेणुगोपाल जी के साथ अच्छी बैठक हुई है. हिमाचल के संदर्भ में बहुत से मुद्दों पर चर्चा हुई है. निश्चित तौर पर इस मसले (राज्य के रेहड़ी-पटरी वाली दुकानों पर फोटोयुक्त पहचान पत्र लगाना) को लेकर भी बात हुई है. “

“मैंने उन्हें विश्वास दिलाया कि हम पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता हैं और पार्टी के दिशानिर्देशों का पालन करना हमारी ज़िम्मेदारी है. इसके साथ ही मैंने उन्हें ये भी बताया कि हिमाचल प्रदेश में बीते लंबे समय से चल रहे इस विवाद को सुलझाने का सरकार पूरा प्रयास कर रही है.”

उन्होंने कहा,” रेहड़ी-पटरी वालों से जुड़े मसले को लेकर सभी पार्टियों की एक समिति भी बनाई गई है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के भी निर्देश हैं कि इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए. राज्य का भी इसे लेकर 2016 का एक अधिनियम है. इस मामले में सबके विचार लिए जाएंगे.”

“हम किसी की भावना को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते. पर स्थानीय लोगों की चिंताओं का ध्यान रखना भी सरकार की ज़िम्मेदारी है. मैंने पार्टी आलाकमान को यहां के मसले से अवगत कराया है. इस्तीफे की बात से विक्रमादित्य सिंह ने साफ इनकार किया है. उन्होंने कहा, “ये बिल्कुल निराधार बातें हैं. इस पर ना मुझे प्रतिक्रिया देनी चाहिए और ना आप लोगों को ध्यान देना चाहिए.

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