कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पेपर लीक और परीक्षा में धांधली रोकने के लिए बने नए क़ानून पर प्रतिक्रिया दी है.जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 को भारत की राष्ट्रपति ने 13 फ़रवरी 2024 को मंज़ूरी दी थी.”
“आख़िरकार, आज सुबह राष्ट्र को बताया गया कि यह क़ानून शुक्रवार से लागू हो चुका है.”
“स्पष्ट है कि ये नीट, यूजीसी-नेट, सीएसआईआर-यूजीसी-नेट और दूसरे घोटालों के डैमेज कंट्रोल के लिए लागू किया गया है.”
उन्होंने कहा, “इस कानून की ज़रूरत थी. लेकिन यह कानून पेपर लीक होने के बाद उनसे निपटता है. सबसे महत्वपूर्ण वो क़ानून, सिस्टम और प्रक्रिया है जो सबसे पहले यह सुनिश्चित करे कि पेपर लीक नहीं हो.”
शुक्रवार को कार्मिक मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर इस क़ानून को देश में लागू कर दिया.
नए क़ानून के तहत दोषी पाए जाने पर 10 साल की जेल और 1 करोड़ रुपए के जुर्माना का प्रावधान है.
