उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार (5 जनवरी) को लखनऊ में कैबिनेट बैठक हुई. इस बैठक में आबकारी नीति समेत 11 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक में 2025-26 की आबकारी नीति को मंजूरी दी है. जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश में विदेशी मदिरा, बीयर, वाइन और एल.ए.बी की फुटकर बिक्री हेतु कम्पोजिट दुकानों का गठन करते हुये इनका व्यवस्थापन कराये जाने का प्रस्ताव है.
इसके साथ ही राजस्व हित में वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु देशी मदिरा दुकानों, कम्पोजिट दुकानों, मॉडल शॉप और भांग की फुटकर दुकानों का व्यवस्थापन ई-लाटरी के माध्यम से किया जायेगा. प्रीमियम रिटेल वेण्ड दुकानों के अनुज्ञापनों का अनुज्ञापी के आवेदन पर वर्ष 2025-26 हेतु निर्धारित देयताओं/प्रतिबंधों के अधीन नवीनीकरण किया जायेगा.
साल 2024-25 में देशी मदिरा की तीव्रता एवं प्रकार के आधार पर प्रचलित श्रेणियों के स्थान पर साल 2025-26 में देशी मदिरा की कई श्रेणियां प्रस्तावित हैं. जिसमें शीरा से निर्मित ई.एन.ए. आधारित कैरामल युक्त 36 प्रतिशत वी./वी. (मसाला) 200 एम.एल. की धारिता की एसेप्टिक ब्रिक पैक में. इसके साथ ही शीरा से निर्मित ई.एन.ए. आधारित फूड कलर युक्त 25 प्रतिशत वी./वी. (सुवासित) 200 एम.एल. की धारिता की एसेप्टिक ब्रिक पैक में है.
वही यू.पी.एम.एल. की निम्नांकित श्रेणियां वर्ष 2025-26 हेतु निर्धारित किया जाना प्रस्तावित हैं. जिसमें ग्रेन ई.एन.ए. आधारित कैरामल युक्त 42.8 प्रतिशत वी./वी. (मसाला) 200 एम.एल. की धारिता की एसेप्टिक ब्रिक पैक में और ग्रेन ई.एन.ए. आधारित कैरामल युक्त 28 प्रतिशत वी./वी. (मसाला) 200 एम.एल. की धारिता की एसेप्टिक ब्रिक पैक में है.
साल 2024-25 में व्यवस्थित एवं तर्कसंगत किये गये कुल वार्षिक एम.जी.क्यू. पर 10 प्रतिशत की वृद्धि कर देशी मदिरा दुकानों का एम.जी.क्यू. निर्धारित किया जाना प्रस्तावित है. देशी मदिरा की फुटकर दुकानों की बेसिक लाइसेंस फीस की दर 32 रुपये प्रति बल्क लीटर वार्षिक एम.जी. क्यू. के आधार पर निर्धारित किया जाना प्रस्तावित है.
साल 2025-26 में विदेशी मदिरा की रेगुलर श्रेणी में 90 एम.एल. की धारिता एवं उससे ऊपर की श्रेणियों में विदेशी मदिरा की बिक्री 60 एम.एल. एवं 90 एम.एल. की धारिता की शीशे की बोतलों के साथ-साथ सिरोंग पैक में भी अनुमन्य किया जाना प्रस्तावित है. यदि इवेंट स्थल पर किसी अन्य प्रदेश में बिक्री हेतु अनुमन्य मदिरा का स्टाक अथवा इसका सेवन किया जाना पाया जाता है तब इवेंट बार अनुज्ञापन धारक एवं इवेंट स्थल के प्रबंधक/स्वामी प्रत्येक पर 100000 रुपये तक का अर्थदण्ड आरोपित किया जाना प्रस्तावित है.
