विपक्षी पार्टियों ने आम बजट की आलोचना करते हुए इसे भाजपा के दो प्रमुख सहयोगी दल जेडीयू और टीडीपी को ख़ुश करने का बजट बताया है.
विपक्ष का कहना है कि बेरोज़गारी और महंगाई की उच्च दर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है. विपक्ष का कहना है कि ग़ैर एनडीए शासित वाले राज्यों को नज़रअंदाज किया गया है.
डीएमके और कांग्रेस ने कथित भेदभाव पूर्ण बजट के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है.
तमिलनाडु के सीएम एम. के. स्टालिन और कांग्रेस शासित तीन राज्यों के मुख्यमंत्री तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी, हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सुक्खू और कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया शनिवार को होने वाली नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल बैठक में नहीं भाग लेंगे.
मंगलवार शाम को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में यह निर्णय लिया गया है.
तृणमूल कांग्रेस की मुखिया और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी राज्यों की बात रखने के लिए नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लेंगी.
मंगलवार को बजट पेश होने के बाद कांग्रेस ने इसे अपने घोषणापत्र की नक़ल बताया था.
कांग्रेस ने दावा किया है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंटर्नशिप कार्यक्रम उनके 2024 के घोषणापत्र से लिया है.
