मुजफ्फरपुर। बालूघाट मोहल्ला में 2021 में हुई राकेश सहनी की बेरहमी से हत्या के मामले में न्यायिक फैसला आ गया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-16 की अदालत ने मुख्य आरोपी सुभाष कुमार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सुभाष पर कुल 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
हत्या का मामला और आरोप
सुभाष कुमार सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के अखाड़ा घाट बांध रोड के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, राकेश सहनी बालूघाट स्थित किराए के कमरे में अपनी पत्नी राधा देवी के साथ रहते थे। राधा का सुभाष कुमार के साथ अफेयर था, जिसका राकेश लगातार विरोध करता था।
इस विवाद के चलते राधा और सुभाष ने मिलकर राकेश को रास्ते से हटाने की साजिश रची। 18 सितंबर 2021 को राधा ने बहाने से राकेश को दिल्ली से मुजफ्फरपुर बुलाया और उसी रात किराए के कमरे में राधा, सुभाष और अन्य सहयोगियों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी।
शव को टुकड़ों में डालकर नष्ट करने की योजना
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए राकेश के शव को काटकर नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में डाल दिया। शव जल्दी गलने के लिए उसमें ब्लीचिंग पाउडर, फिनाइल और नमक डाला गया और कमरे को बाहर से बंद कर दिया गया। कुछ दिनों तक राकेश के नहीं दिखने पर उनके भाई दिनेश सहनी की पत्नी रिंकू देवी हालचाल जानने गईं, तो राधा ने बताया कि राकेश बाहर गया है।
घटना का खुलासा 18 सितंबर 2021 की रात उस समय हुआ जब बंद कमरे में विस्फोट जैसी आवाज के बाद आग लग गई। फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों ने कमरे में दुर्गंध महसूस की। 19 सितंबर को पुलिस ने ड्रम खोला तो राकेश के शरीर के टुकड़े बरामद हुए, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।
FIR और गिरफ्तारी
19 सितंबर 2021 को मृतक के भाई दिनेश सहनी ने नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। एफआईआर में राधा देवी, उसकी बहन कृष्णा देवी, साढ़ू विकास कुमार और सुभाष कुमार को आरोपी बनाया गया।
पुलिस ने जांच के बाद 22 सितंबर 2021 को सुभाष कुमार को रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया, जब वह राधा के साथ फरार होने की कोशिश कर रहा था।
अदालत ने सुनाई सजा
सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक अरविंद कुमार ने अदालत में मजबूत साक्ष्य और गवाह पेश किए। अदालत ने सुभाष को हत्या और साक्ष्य नष्ट करने दोनों मामलों में दोषी पाया।
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हत्या के आरोप में: आजीवन कारावास + 50 हजार रुपये जुर्माना
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सबूत नष्ट करने के आरोप में: 3 साल कारावास + 5 हजार रुपये जुर्माना
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दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
मृतक के परिजनों ने फैसला सुनाए जाने के बाद संतोष व्यक्त किया। वहीं, इस मामले में मुख्य आरोपी पत्नी राधा देवी अभी भी फरार है।
