धमतरी: जिले के दहदहा गांव के शासकीय माध्यमिक स्कूल में 35 छात्रों ने ब्लेड, पिन और बबूल के कांटों से अपने हाथों को जख्मी कर लिया। घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल और प्रशासन में हड़कंप मच गया।
बच्चों ने खुद ही किया ‘टास्क’
प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ कि छात्रों ने आपस में एक-दूसरे को हाथ जख्मी करने का ‘टास्क’ दिया। कुछ छात्रों ने बताया कि उन्होंने दूसरों को ऐसा करते देखा और फिर खुद भी वैसा ही किया। अधिकारियों ने कहा कि घटना का नशे, अंधविश्वास या किसी काला-जादू से कोई संबंध नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 18 फरवरी को स्कूल पहुंचकर बच्चों की चिकित्सकीय जांच की। जांच में उनके हाथों पर गंभीर चोट के निशान पाए गए।
स्कूल प्रिंसिपल को नोटिस
जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल ने स्कूल प्राचार्य को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। मामले की जांच एसडीएम स्तर पर चल रही है। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर किसी शिक्षक या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्राचार्य पुनीत राम साहू ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया और छात्रों तथा उनके अभिभावकों की काउंसलिंग शुरू कर दी गई है, ताकि मानसिक स्थिति का मूल्यांकन किया जा सके और भविष्य में ऐसे मामलों को रोका जा सके।
अभिभावकों ने जताई चिंता
छात्रों के अभिभावकों ने कहा कि बच्चे घर पर ऐसा व्यवहार नहीं करते, जिससे स्कूल में निगरानी की कमी सामने आती है। उन्होंने स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और नियमित मनोवैज्ञानिक परामर्श की मांग की।
कलेक्टर Avinash Mishra ने कहा कि जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चों को किसने प्रेरित या उकसाया। जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
