लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा है कि दिल्ली में हिरासत में लिए जाने के बाद भी वो खुश हैं क्योंकि पर्यावरण से जुड़ा उनका संदेश ज़्यादा लोगों तक पहुंचा है.
सोनम वांगचुक को क़रीब 36 घंटे बाद बुधवार को रिहा कर दिया गया है. पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सोमवार की रात दिल्ली के पहले सिंघु बॉर्डर पर रोक कर हिरासत में ले लिया गया था.
वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लेह से दिल्ली पैदल पहुँचे थे. लेह से एक सितंबर को शुरू हुई ये यात्रा क़रीब एक हज़ार किलोमीटर लंबी है.
बुधवार को गांधी जयंती के दिन रिहाई केबाद पत्रकारों से बातचीत में वांगचुक ने कहा है कि लोगों को साधारण जीवन शैली अपनानी चाहिए ताकि पर्यावरण को नुक़सान से बचाया जा सके.
वांगचुक ने कहा है, “हमने सरकार को अपना ज्ञापन सौंपा है और आग्रह किया है कि वो संवैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत हिमालय की पहाड़ियों को बचाने के लिए लद्दाख की रखा करें.”
