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जापान ने नॉर्थ-ईस्ट भारत के विकास में की कमिटमेंट

जापान के विदेश मंत्री Iwao Hori ने शिलांग में आयोजित फॉरेन पॉलिसी कॉन्क्लेव में नॉर्थ-ईस्ट भारत की विकास क्षमता और कनेक्टिविटी को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट भारत “ग्रॉथ का पावरफुल इंजन” बन सकता है, अगर इसे बांग्लादेश और नेपाल के ग्रिड से जोड़ा जाए।

North-East India: Geopolitical और Economic Hub

शिलांग के Asian Confluence के छठे इंडिया-जापान इंटेलेक्चुअल कॉन्क्लेव में बोलते हुए होरी इवाओ ने कहा:

  • जापान नॉर्थ-ईस्ट भारत को बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ने वाली कनेक्टिविटी को सपोर्ट करेगा।

  • नॉर्थ-ईस्ट भारत साउथ-ईस्ट एशिया का गेटवे होने के कारण जियोपॉलिटिकल दृष्टि से अहम है।

  • जापान नॉर्थ-ईस्ट भारत के डेवलपमेंट में पूरी तरह कमिटेड है।

उन्होंने चेताया कि इस कदम से चीन और बांग्लादेश जैसी विदेशी ताकतें चिंतित हो सकती हैं, जो क्षेत्र में भारत के प्रभाव को चुनौती देने की कोशिश कर रही हैं।

North-East India: Growth का Engine

होरी इवाओ ने कहा कि जब नॉर्थ-ईस्ट को नेपाल, भूटान, भारत, बांग्लादेश और साउथ-ईस्ट एशिया को जोड़ने वाले बड़े आर्थिक क्षेत्र के हिस्से के रूप में देखा जाए, तो इसमें विकास के लिए शक्तिशाली संभावनाएं हैं।

जापान नॉर्थ-ईस्ट इंडिया और आसपास के क्षेत्रों में:

  • कनेक्टिविटी बढ़ाने,

  • लोगों के बीच रिश्तों को मजबूत करने,

  • आर्थिक सुरक्षा, सेमीकंडक्टर और क्लीन एनर्जी क्षेत्रों में प्राइवेट सेक्टर के सहयोग को पक्का करने के लिए कमिटेड है।

Japan-Bangladesh Economic Partnership

हाल ही में जापान और बांग्लादेश ने सामान और सर्विस के बेहतर मार्केट एक्सेस के लिए Economic Partnership Agreement पर साइन किया।

  • बांग्लादेश धीरे-धीरे स्टील और ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर टैरिफ खत्म करेगा।

  • जापान टेक्सटाइल प्रोडक्ट और अन्य चीज़ों पर टैरिफ तुरंत खत्म करेगा।

  • यह बांग्लादेश के लिए पहली ऐसी डील है जो घरेलू प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद लागू होगी।

इस साझेदारी से नॉर्थ-ईस्ट भारत में जापानी निवेश और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, साथ ही क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और विकास में भी तेजी आएगी।

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