अलीगढ़: ईदगाह पर सड़क पर नमाज़ अदा करने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने इसे नियमों की अवहेलना और “शक्ति प्रदर्शन” करार देते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, प्रशासन की मौजूदगी पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिससे मामला राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बन गया है।
ब्रज प्रांत मीडिया प्रमुख प्रतीक रघुवंशी ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि अलीगढ़ के ईदगाह पर खुले में नमाज़ पढ़ी गई, जो प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों की खुली अवहेलना है। उन्होंने बताया कि घटना स्थल पर जिला अधिकारी भी मौजूद थे। रघुवंशी ने इसे “खुला शक्ति प्रदर्शन” बताया और कहा कि इसमें शामिल अधिकारी और अन्य संबंधित लोग शहर और देश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
विश्व हिंदू परिषद ने चेतावनी दी है कि इस तरह के मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन भी किया जाएगा। प्रतीक रघुवंशी ने कहा, “हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं। देश और शहर का माहौल किसी भी दशा में खराब नहीं होने दिया जाएगा।”
इस विवाद ने शहर में तनाव बढ़ा दिया है और प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। स्थानीय लोग भी इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान नियमों और कानून का पालन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि शहर और समाज में शांति बनी रहे। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्रशासन और संबंधित विभागों की मौजूदगी के बावजूद कैसे नियमों की अवहेलना होती है और इसके सामाजिक असर कितने गंभीर हो सकते हैं।
अलीगढ़ में सड़क पर नमाज़ के इस विवाद ने पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोर ली हैं और आने वाले समय में प्रशासन की अगली कार्रवाई को लेकर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
