लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में सोमवार को कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनका सीधा असर किसानों, ऊर्जा क्षेत्र और प्रदेश के विकास पर पड़ेगा। खाद्य एवं रसद विभाग से लेकर पारंपरिक और नवीन ऊर्जा क्षेत्र तक बड़े निर्णय लिए गए हैं। गेहूं खरीद पर बड़ा फैसला, MSP में वृद्धि कैबिनेट ने इस वर्ष गेहूं खरीद को लेकर अहम निर्णय लिया है। भारत सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 प्रति क्विंटल अधिक है।
राज्य में गेहूं खरीद 30 मार्च 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगी। इस दौरान प्रदेश के सभी 75 जिलों में लगभग 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। खरीद कार्य 8 प्रमुख एजेंसियों—एफसीआई, यूपी मंडी परिषद, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, नैफेड और एनसीसीएफ—के माध्यम से किया जाएगा, ताकि किसानों को सुगम और पारदर्शी व्यवस्था मिल सके।
घाटमपुर थर्मल पावर प्लांट से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी
घाटमपुर पावर प्लांट को वित्तीय मंजूरी ऊर्जा क्षेत्र में कैबिनेट ने घाटमपुर थर्मल पावर प्लांट से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस परियोजना के तहत 660 मेगावॉट की तीन यूनिट स्थापित की जानी हैं, जिनमें से दो यूनिट पहले ही शुरू हो चुकी हैं और तीसरी जल्द चालू होने की तैयारी में है। इस परियोजना के लिए झारखंड के दुमका जिले स्थित पछवारा कोल माइन वर्ष 2016 में भारत सरकार द्वारा आवंटित की गई थी। कोल माइन के विकास के लिए 2242.90 करोड़ की राशि को कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की है। घाटमपुर पावर प्लांट केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त उपक्रम है, जो प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
20 मेगावॉट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्लांट होगा स्थापित
गोरखपुर बनेगा सोलर सिटी, फ्लोटिंग सोलर प्लांट को मंजूरीनवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी बड़ा निर्णय लिया गया है। अयोध्या के बाद अब गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत चिलुआताल में 20 मेगावॉट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना को कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा विकसित किया जाएगा। वहीं प्रदेश में इससे पहले भी दो फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं, एक औरैया जिले में एनटीपीसी द्वारा 20 मेगावॉट का और दूसरा खुर्जा में टीएचडीसी द्वारा 11 मेगावॉट का।
प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना का लक्ष्य
ऊर्जा आत्मनिर्भरता और किसानों को राहत पर फोकसकैबिनेट के इन फैसलों से एक ओर जहां किसानों को बेहतर दाम और खरीद की सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर ऊर्जा उत्पादन और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और पर्यावरण के अनुकूल विकास को गति देना है।
