लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चलाई जा रही आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार योजनाएं अब जमीनी स्तर पर असर दिखा रही हैं। सरकार का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार देने वाला बनाना है। इसी सोच को साकार करते हुए लखीमपुर खीरी के ग्राम पहाड़ापुर निवासी अनिकेत वर्मा ने सरकारी योजना का लाभ लेकर खुद को एक सफल युवा उद्यमी के रूप में स्थापित किया है।
25 लाख रुपये के ऋण से शुरू किया उद्योग
अनिकेत वर्मा ने दिसंबर 2025 में जिला उद्योग एवं उद्यमिता विकास केंद्र के माध्यम से मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 25 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने अपने छोटे व्यवसाय को व्यवस्थित उद्योग में बदल दिया। यूनिट में लगाई गई 6 ऑटोमेटिक मशीनों से उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। आज उनके यहां हर महीने वाशिंग पाउडर का उत्पादन हो रहा है।
स्थानीय बाजार में पहचान और रोजगार सृजन
अनिकेत के उत्पाद आधा किलो, 1 किलो और 3 किलो की पैकिंग में तैयार किए जाते हैं। कच्चा माल कानपुर से मंगवाया जाता है और उनका वाशिंग पाउडर अब स्थानीय बाजार में अपनी पहचान बना रहा है। अनिकेत ने अपने उद्यम के माध्यम से 7 अन्य लोगों को रोजगार भी दिया है। सभी खर्च निकालने के बाद उनकी शुद्ध मासिक आय लगभग 50-60 हजार रुपये है।
योजना का उद्देश्य: युवाओं को बनाना रोजगारदाता
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। इस योजना के तहत राज्य सरकार युवाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें और आत्मनिर्भर बनें।
विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के लिए अलग-अलग ऋण सुविधा
- विनिर्माण क्षेत्र: अधिकतम 25 लाख रुपये तक
- सेवा क्षेत्र: अधिकतम 10 लाख रुपये तक
ऋण रियायती ब्याज दरों पर उपलब्ध होता है और इसका उपयोग मशीनरी, कच्चा माल, कार्यशील पूंजी और अन्य आवश्यक खर्चों के लिए किया जा सकता है।
आवेदन प्रक्रिया सरल
इच्छुक युवा अपने जिले के उद्योग एवं उद्यमिता विकास केंद्र से संपर्क कर योजना का लाभ ले सकते हैं। वहां उन्हें पूरी जानकारी और आवेदन प्रक्रिया में मदद मिलती है।
