Homeक्राइमकिराए के नाम पर गाड़ियां गिरवी रखकर ठगी करने वाले गैंग का...

किराए के नाम पर गाड़ियां गिरवी रखकर ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़, 12 कारें बरामद

रिपोर्ट: ममता भारद्वाज, आगरा।

आगरा में किराए के नाम पर गाड़ियों को गिरवी रखकर धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। ट्रांस यमुना थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस गैंग के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 12 कारें, एक मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड तथा बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लोगों को गाड़ियां किराए पर चलवाने का झांसा देकर उन्हें अपने जाल में फंसाता था और बाद में उन्हीं गाड़ियों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गिरवी रखकर लाखों रुपये की ठगी करता था।

 

पुलिस कार्रवाई में दो आरोपी गिरफ्तार

कमिश्नरेट आगरा की ट्रांस यमुना थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग चोरी या फर्जी कागजात तैयार कर वाहनों की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नगला केशर क्षेत्र में दबिश दी और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धीरज कुमार और हनुमंत के रूप में हुई है। वहीं गिरोह के दो अन्य सदस्य पुष्पेंद्र (निवासी हाथरस) और सुनील अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

ऐसे करते थे ठगी का खेल

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे लोगों को बड़े प्रोजेक्ट में गाड़ियां लगाने का लालच देते थे। आरोपी दावा करते थे कि अलीगढ़ से खंदौली तक बन रहे सिक्स लेन हाईवे प्रोजेक्ट में इंजीनियरों और अधिकारियों के लिए वाहनों की जरूरत है, जिसमें गाड़ी लगाने पर 25 से 30 हजार रुपये प्रतिमाह किराया मिलेगा।

इस झांसे में आकर लोग अपनी गाड़ियां आरोपियों को सौंप देते थे। इसके बाद आरोपी फर्जी एग्रीमेंट बनाकर गाड़ियों पर कब्जा कर लेते थे।

फर्जी दस्तावेज और पहचान का खेल

आरोपी असली वाहन मालिक के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी पहचान तैयार करते थे। आधार कार्ड की कॉपी में हेरफेर कर अलग-अलग जन्मतिथियां दर्ज की जाती थीं। साथ ही ‘पीकू ऐप’ के माध्यम से किसी अन्य व्यक्ति की फोटो लगाकर नकली पहचान बनाई जाती थी।

इस फर्जी पहचान के सहारे आरोपी गाड़ियों को अन्य लोगों के पास 3 से 4 लाख रुपये तक में गिरवी रख देते थे। गिरवी रखते समय वे नकली मालिक और फर्जी कागजात दिखाकर सामने वाले को भरोसे में ले लेते थे।

लाखों की ठगी, रकम का बंटवारा

गाड़ियों को गिरवी रखकर जो रकम मिलती थी, उसे गिरोह के सदस्य आपस में बराबर-बराबर बांट लेते थे। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही बरामद गाड़ियों के वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें वाहन वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर बिना पूरी जांच-पड़ताल के अपनी गाड़ी या अन्य संपत्ति किसी को न सौंपें।

RELATED ARTICLES

Most Popular