अयोध्या के भव्य राम मंदिर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इसी बीच राम मंदिर ट्रस्ट ने पुजारियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे इच्छुक युवाओं के लिए प्रभु राम की सेवा का अवसर खुल गया है।
बढ़ेगी पुजारियों की संख्या
मौजूदा समय में राम जन्मभूमि परिसर में करीब 20 पुजारी सेवा-पूजन कर रहे हैं। इसके अलावा परकोटा और सप्तऋषि मंदिरों में भी पुजारियों की तैनाती की जा रही है। अब 15 नए पुजारियों की नियुक्ति की जाएगी, जिससे सभी पूरक मंदिरों में दो-दो पुजारी उपलब्ध हो सकें।
क्या है पात्रता और गाइडलाइन
राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा तय मानकों के अनुसार पुजारी बनने के लिए कुछ जरूरी योग्यताएं निर्धारित की गई हैं:
- अभ्यर्थी की आयु 20 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए
- कम से कम 5 वर्ष तक गुरुकुल शिक्षा अनिवार्य
- संस्कृत भाषा का अच्छा ज्ञान होना जरूरी
- रामानंद संप्रदाय की पूजा-पद्धति, मंत्र और आरती का ज्ञान
- वैदिक परंपराओं की समझ और धार्मिक अनुशासन
ट्रेनिंग के बाद मिलेगी नियुक्ति
चयनित अभ्यर्थियों को वेदाचार्यों द्वारा करीब 6 महीने की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा, जिसके बाद ही पुजारी के रूप में नियुक्ति दी जाएगी।
सेवा का सुनहरा अवसर
राम मंदिर में पुजारी बनने का यह अवसर उन युवाओं के लिए खास है, जो धार्मिक परंपराओं में रुचि रखते हैं और प्रभु राम की सेवा-आराधना करना चाहते हैं।
