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नोएडा हिंसा केस: 62 गिरफ्तार, SIT जांच तेज; मुख्य आरोपी आदित्य आनंद की रिमांड पर 24 अप्रैल को सुनवाई

नोएडा/नई दिल्ली: 13 अप्रैल को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में श्रमिकों के वेतन बढ़ाने को लेकर हुए हिंसक आंदोलन के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। गिरफ्तार आरोपित रूपेश राय, मनीषा, आकृति और सृष्टि गुप्ता को पुलिस कस्टडी में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि मुख्य आरोपी आदित्य आनंद की कस्टडी रिमांड के लिए आवेदन पर 24 अप्रैल को सुनवाई होगी।

पुलिस के अनुसार पूछताछ में कुछ अहम सुराग मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि ‘मजदूर बिगुल’ नामक संगठन श्रमिकों को भड़काने के लिए अपने ऑनलाइन पोर्टल का इस्तेमाल कर रहा था। साथ ही युवतियों के मुख्य आरोपी से संबंधों की भी जांच की जा रही है।

अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जिसमें 10 पुलिस अधिकारी शामिल हैं। यह टीम अपनी रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर गौतम बुद्ध नगर लक्ष्मी सिंह को सौंपेगी।

पुलिस के मुताबिक, 13 अप्रैल को नोएडा और ग्रेटर नोएडा के 83 स्थानों पर हुए हिंसक प्रदर्शनों में 42 हजार से अधिक लोग शामिल थे। अब तक इस मामले में 11 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें 2000 से अधिक अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने अब तक मुख्य आरोपी आदित्य आनंद समेत 62 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 35 बाहरी बताए जा रहे हैं।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि प्रदर्शन के दौरान सीसीटीवी कैमरों को निष्क्रिय करने के लिए महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया था। फुटेज में महिलाएं कैमरों पर कपड़ा डालती नजर आई हैं। पुलिस को एक ऑडियो और कुछ मैसेज भी मिले हैं, जिनमें गोली चलाने की बात कही गई है।

पुलिस को आशंका है कि आंदोलन की आड़ में नोएडा के औद्योगिक उत्पादन को ठप करने की साजिश रची गई थी। आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। डिलीट डेटा रिकवर करने के लिए Google से जानकारी मांगी गई है।

इसके अलावा दो संदिग्ध X हैंडल की भी जांच की जा रही है, जिनके पाकिस्तान से संचालित होने की आशंका है। पुलिस का दावा है कि इन्हीं के माध्यम से हिंसा भड़काने की कोशिश की गई।

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