लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में चलाई जा रही शादी अनुदान योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है। खासकर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की बेटियों की शादी में यह योजना एक मजबूत सहारा साबित हो रही है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत 1 लाख से अधिक बेटियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, करीब 1.16 लाख लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिला, जिसके लिए लगभग 232 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इससे स्पष्ट है कि योजना बड़े स्तर पर लागू हो रही है और जरूरतमंद परिवारों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही है।

इस योजना के तहत पात्र परिवारों को बेटी की शादी के लिए 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है। योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये तक है। साथ ही, लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष होना अनिवार्य है।

सरकार ने इस योजना में कमजोर वर्गों को विशेष प्राथमिकता दी है। इसमें विकलांग, विधवा, आपदा प्रभावित और भूमिहीन परिवारों को वरीयता दी जाती है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों सुनिश्चित होती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी और शहरी क्षेत्रों में उपजिलाधिकारी द्वारा सत्यापन किया जाता है।
अनुदान राशि का भुगतान पीएफएमएस (PFMS) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में किया जाता है। इसके अलावा, लाभार्थियों के चयन के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है, जिससे योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए आधार प्रमाणीकरण भी अनिवार्य किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि योजना का लाभ सही पात्रों तक ही पहुंचे।
