लखनऊ। मोबाइल यूज़र्स के लिए स्पैम कॉल अब एक बड़ी वैश्विक समस्या बनती जा रही है और India भी इससे अछूता नहीं है। Truecaller की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भारत स्पैम कॉल पाने वाले देशों की सूची में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। इस सूची में इंडोनेशिया पहले स्थान पर है, जबकि चिली, वियतनाम और ब्राज़ील क्रमशः दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 के दौरान वैश्विक स्तर पर 68 अरब से अधिक स्पैम और धोखाधड़ी से जुड़ी कॉल्स की पहचान की गई। यह आंकड़े ट्रूकॉलर के 50 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं के एनॉनिमाइज़्ड डेटा पर आधारित हैं, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाते हैं।
भारत में 66% तक स्पैम कॉल्स
भारत में स्पैम कॉल की तीव्रता 66 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो इसे सबसे अधिक प्रभावित देशों में शामिल करती है। देश में आने वाली स्पैम कॉल्स में:
- 36% कॉल बिक्री और टेलीमार्केटिंग से जुड़ी हैं
- 18% कॉल वित्तीय सेवाओं से संबंधित हैं
- 12% कॉल सीधे धोखाधड़ी और ठगी से जुड़ी होती हैं
अलग-अलग देशों में अलग कारण
वैश्विक स्तर पर स्पैम कॉल्स के कारण अलग-अलग हैं। इंडोनेशिया और मेक्सिको में बैंक और लोन से जुड़ी कॉल्स सबसे ज्यादा हैं, जबकि चिली में कर्ज वसूली से संबंधित कॉल्स का दबदबा है। वहीं ब्राज़ील और नाइजीरिया में टेलीकॉम से जुड़ी कॉल्स अधिक देखने को मिलती हैं।
भरोसे पर संकट
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटोमेटेड स्पैम कॉल्स के बढ़ते चलन से लोगों का अनजान नंबरों पर भरोसा कम होता जा रहा है। Rishit Jhunjhunwala ने कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि धोखाधड़ी और पहचान की चोरी अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है। कई देशों में अब अधिकांश अनजान कॉल्स स्पैम होती हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी का फोकस 2026 में ऐसे सिस्टम विकसित करना है, जिससे धोखाधड़ी को कॉल आने से पहले ही रोका जा सके।
