University of Lucknow में बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा से कथित उत्पीड़न और पेपर लीक के गंभीर आरोप में जूलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह (40) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रोफेसर पर छात्रा को फोन कर मिलने का दबाव बनाने, भावनात्मक रूप से प्रभावित करने और परीक्षा का पेपर लीक कराने का दावा करने का आरोप है।
मामला तब सामने आया जब छात्रा ने प्रोफेसर के साथ हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल कर दी। वायरल ऑडियो में प्रोफेसर कथित तौर पर छात्रा से कहते सुनाई दे रहे हैं, “डार्लिंग, तुम्हारे लिए कोर और इलेक्टिव दोनों पेपर आउट करा दिए हैं। एग्जाम से पहले घर से आ जाओ, पेपर दे देंगे।”
ऑडियो के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया। शुक्रवार देर शाम विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर Hasanganj Police Station में एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर को देर रात विश्वविद्यालय परिसर से गिरफ्तार कर लिया।

छात्रा बोली- दोबारा मोलेस्ट करना चाहता था
ऑडियो रिकॉर्डिंग में छात्रा लगातार प्रोफेसर से मिलने से इनकार करती सुनाई दे रही है। बातचीत खत्म होने के बाद छात्रा कहती है, “ये मुझे बुला रहा है। मुझे पेपर नहीं चाहिए। ये मुझे दोबारा मोलेस्ट करना चाहता है।”
बताया जा रहा है कि आरोपी प्रोफेसर ने 14 और 15 मई की रात छात्रा को कई बार फोन किया। बातचीत के दौरान वह छात्रा पर मिलने के लिए दबाव बनाते रहे और बार-बार कहते रहे कि उन्होंने सिर्फ उसी के लिए पेपर “आउट” कराया है।
“स्टैनफोर्ड तक का प्लेटफॉर्म तैयार कर दिया”
दूसरे ऑडियो में आरोपी प्रोफेसर कथित तौर पर छात्रा से कहते सुनाई दे रहे हैं कि उन्होंने उसके लिए “एमएससी, पीएचडी और स्टैनफोर्ड तक का प्लेटफॉर्म तैयार कर दिया है।” वह छात्रा से यह भी कहते हैं कि “मैं इमोशनली बहुत अटैच हूं, मुझे डिच मत करना।”
ऑडियो में आरोपी प्रोफेसर छात्रा को 10 से 15 दिन के भीतर मिलने आने का दबाव बनाते हैं और दावा करते हैं कि उन्होंने Immuno Genetics और Genomics के पेपर भी आउट करा लिए हैं।
छात्रों ने किया प्रदर्शन
ऑडियो वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय के छात्रों में भारी नाराजगी फैल गई। शुक्रवार रात छात्रों ने प्रॉक्टर ऑफिस के बाहर धरना शुरू कर दिया और आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुरू की जांच
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। जूलॉजी विभाग की हेड प्रो. अमिता कनौजिया ने भी माना कि ऑडियो में आवाज आरोपी प्रोफेसर की ही लग रही है।
विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी ने बताया कि परीक्षा नियंत्रक की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। साथ ही विशाखा कमेटी के तहत गठित इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (ICC) ने भी जांच शुरू कर दी है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश 2024 की धारा 11 और 13(5) के साथ बीएनएस की धारा 74 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
हसनगंज थाना प्रभारी चितवन कुमार ने बताया कि आरोपी प्रोफेसर को मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर जेल भेज दिया गया है।
2022 से LU में तैनात था आरोपी
डॉ. परमजीत सिंह वर्ष 2022 से लखनऊ विश्वविद्यालय के जूलॉजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वह IITR लखनऊ और इमटेक चंडीगढ़ में रिसर्च से जुड़े पदों पर कार्य कर चुके हैं।
