आगरा के ताजनगरी फेज-2 स्थित चौपाटी में जिप लाइन हादसे में फिरोजाबाद निवासी किशोर कुणाल अग्रवाल की मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शासन ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
हादसे के बाद चौपाटी में सुरक्षा व्यवस्थाओं और एडीए की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। एडीए उपाध्यक्ष एम. अरून्मोली के निर्देश पर पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। समिति की अध्यक्षता एडीए सचिव संजय कुमार को सौंपी गई है।
जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम चौपाटी में संचालित जिप लाइन गतिविधि के दौरान सेफ्टी बेल्ट का लॉक अचानक टूट गया, जिससे कुणाल नीचे गिर गया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जहां जिप लाइन चलाई जा रही थी, वहां नीचे पक्का फर्श था और सुरक्षा के लिए कोई सेफ्टी नेट नहीं लगाया गया था। ऐसे में एडवेंचर गतिविधियों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं।
बताया जा रहा है कि चौपाटी परियोजना को अक्टूबर 2025 से ईओडी एडवेंचर कंपनी संचालित कर रही थी। यहां जिप लाइन, जिप साइकिलिंग, बुल राइड और गो-कार्टिंग जैसी गतिविधियां चलाई जा रही थीं। अब एडीए और कंपनी के बीच हुए अनुबंध, सुरक्षा प्रोटोकॉल और अनुमति प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है।
मंगलवार को जांच समिति चौपाटी पहुंचकर मौके का निरीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट एडीए उपाध्यक्ष को सौंपेगी।
