लखनऊ। चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर टिन शेड गिरने से टीटीई समेत तीन लोगों के घायल होने के मामले में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हादसे से छह दिन पहले ही डीआरएम उत्तर रेलवे सुनील कुमार वर्मा ने निर्माणाधीन कॉनकोर्स का निरीक्षण किया था। उस दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजामों में कमी, बैरिकेडिंग न होने और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन इन शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
हादसे के बाद रेलवे ने जांच के आदेश देते हुए तीन वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी गठित की है। ईपीसी ठेकेदार पर 50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है, जबकि प्रोजेक्ट इंजीनियर और निर्माण सुपरवाइजर को निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
गौरतलब है कि 15 मई को लखनऊ जंक्शन पर भी छत का एक हिस्सा गिरा था। लगातार दूसरी घटना के बाद रेलवे स्टेशनों पर चल रहे निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
